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मुजफ्फरनगर के जज का अनोखा रिकॉर्ड, 9 मामलों में 22 दोषियों को सुनाई मौत की सजा

by | Aug 17, 2026 | Cover Story Global

Ravi Kumar Diwakar: मुजफ्फरनगर फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर-3 के पीठासीन अधिकारी और ADJ रवि कुमार दिवाकर ने नवंबर 2025 में कार्यभार संभालने के बाद 9 मामलों में 22 दोषियों को मौत की सजा सुनाई है। सरकारी अधिवक्ता कुलदीप कुमार के मुताबिक, अदालत ने इन अपराधों को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मानते हुए मृत्युदंड दिया। इनमें 6 अप्रैल को समीर सैफी हत्याकांड में सिंगोल अल्वी, सोनू उर्फ रिजवान और शालू उर्फ अरबाज; 28 अप्रैल को शेखर हत्याकांड में मुकेश और उसके तीन बेटों प्रदीप, संदीप व सोनू को फांसी सुनाई गई। 30 मई को राजेश देवी-हिमांशु हत्याकांड में रईस और 20 जून को राजेंद्र सैनी हत्याकांड में रामकरण उर्फ सावन गिरी व गीलू को मृत्युदंड मिला।

2 जुलाई को होमगार्ड रतिराम की हत्या में दीपक, 6 जुलाई को राजबीर सिंह हत्याकांड में पूर्व प्रधान प्रमोद कुमार व सहदेव उर्फ पप्पू, 17 जुलाई को किसान राजसिंह की लूट के बाद हत्या में अजित, सूरज उर्फ काला, अनिल व सुनील को मौत की सजा दी गई। 12 अगस्त को सालिम हत्याकांड में शाहनवाज और 13 अगस्त को पवन हत्याकांड में राहुल उर्फ बोसी, हरेंद्र कुमार, रामवीर व राजीव उर्फ छोटू को मृत्युदंड सुनाया गया।

ज्ञानवापी सर्वे से देशभर में आए थे चर्चा में

जज दिवाकर 2022 में वाराणसी में ज्ञानवापी परिसर के वीडियोग्राफिक सर्वे का आदेश देने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हुए थे। चित्रकूट और बरेली में भी तैनाती के दौरान उन्होंने 2014 के ट्रिपल मर्डर-डकैती मामले में चैमार हसन गैंग के 8 सदस्यों को मौत की सजा सुनाई थी। बरेली की 13 मौत की सजाओं को मिलाकर उनके न्यायिक करियर में अब तक 35 दोषियों को मृत्युदंड सुनाया जा चुका है। लगातार मृत्युदंड के चलते ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ सिद्धांत के इस्तेमाल पर कानूनी और न्यायिक हलकों में बहस भी तेज हुई है।

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