CCRT Democracy and Heritage Event: संस्कृति मंत्रालय की स्वायत्तशासी संस्था सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (CCRT) में आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित वर्षभर चलने वाले कार्यक्रमों का भव्य समापन किया गया। इस अवसर पर डिजिटल डिस्ट्रिक्ट रिपॉजिटरी (DDR) सम्मान समारोह और ‘विरासत–कमलादेवी सांस्कृतिक महोत्सव’ का भी आयोजन किया गया। लोकतांत्रिक मूल्यों, स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायकों के योगदान और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समर्पित इस आयोजन में देशभर से आए विद्वानों, कलाकारों, विद्यार्थियों और विशिष्ट अतिथियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम ने लोकतंत्र, स्वतंत्रता और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया।
केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने किया कार्यक्रम का उद्घाटन
समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने 'Long Live Democracy' और 'Digital District Repository' प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र केवल शासन व्यवस्था नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायकों के संघर्ष और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने डिजिटल डिस्ट्रिक्ट रिपॉजिटरी को ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
राम बहादुर राय ने साझा किए आपातकाल के अनुभव
समारोह में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) के अध्यक्ष राम बहादुर राय ने आपातकाल के दौर के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा, जनजागरण और संवैधानिक मूल्यों की महत्ता पर विस्तार से विचार रखे।
गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिजनों के साथ-साथ डिजिटल डिस्ट्रिक्ट रिपॉजिटरी के निर्माण में योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थानों को सम्मानित किया गया। इस डिजिटल रिपॉजिटरी का उद्देश्य देशभर के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों की प्रेरणादायक कहानियों को संरक्षित करना और उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।
संगीत के जरिए लोकतंत्र को दी गई श्रद्धांजलि
सीसीआरटी के छात्रवृत्ति प्राप्त विद्यार्थियों ने "Musical Tribute to the Spirit of Democracy" कार्यक्रम प्रस्तुत किया। संगीत और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के माध्यम से लोकतंत्र, स्वतंत्रता और राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
'विरासत–कमलादेवी सांस्कृतिक महोत्सव' बना आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित 'विरासत–कमलादेवी सांस्कृतिक महोत्सव' में देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने शास्त्रीय संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता और समृद्ध परंपराओं की झलक पेश की।
कई गणमान्य अतिथि रहे मौजूद
समारोह में संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल, CCRT के अध्यक्ष डॉ. विनोद नारायण इंदुरकर, संयुक्त सचिव समर नंदा, कमलेश कुमार मिश्र, निदेशक राजीव कुमार और CCRT के निदेशक पप्पूंजय कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।
CCRT में आयोजित यह समारोह लोकतांत्रिक मूल्यों, स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को समर्पित रहा। कार्यक्रम ने न केवल देश के गुमनाम नायकों को सम्मान दिया, बल्कि नई पीढ़ी को लोकतंत्र और संस्कृति की विरासत से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण संदेश दिया।
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