Saturday, Aug 29

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Chandra Grahan 2026: पीक पर पहुंचा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, 96% चंद्रमा छाया में

Chandra Grahan 2026: 28 अगस्त को साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण अपने अधिकतम चरण पर पहुंच गया। यह एक गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण है, जिसके चरम पर चंद्रमा का करीब 96 फीसदी हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया में रहा। हालांकि, भारत में दिन का समय होने के कारण यह खगोलीय घटना दिखाई नहीं दे रही है।

पीक पर पहुंच चुका है चंद्र ग्रहण

28 अगस्त को हुआ यह चंद्र ग्रहण भारतीय समय के अनुसार सुबह के वक्त दिखाई देने वाली खगोलीय घटना थी। ग्रहण का अधिकतम चरण करीब सुबह 9:43 बजे रहा। इस दौरान पृथ्वी की गहरी छाया ने चंद्रमा के अधिकांश हिस्से को ढक लिया। अब ग्रहण अपने चरम से आगे बढ़ चुका है। धीरे-धीरे पृथ्वी की छाया चंद्रमा से हट रही है और यह खगोलीय घटना अपने समापन की ओर बढ़ रही है।

कब शुरू हुआ था चंद्र ग्रहण

खगोलीय गणना के अनुसार चंद्र ग्रहण की शुरुआती पेनुम्ब्रल अवस्था करीब सुबह 6:54 बजे शुरू हुई थी। इसके बाद आंशिक ग्रहण का मुख्य चरण करीब सुबह 8:04 बजे शुरू हुआ। करीब 9:43 बजे ग्रहण अपने अधिकतम चरण पर पहुंचा। इसके बाद चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगा। आंशिक ग्रहण के करीब 11:22 बजे तक समाप्त होने की जानकारी दी गई है।

भारत में क्यों नहीं दिखा चंद्र ग्रहण

इस बार भारतीयों के लिए चंद्र ग्रहण का नजारा देखने का मौका नहीं है। ग्रहण के दौरान भारत में दिन का समय है और चंद्रमा क्षितिज के नीचे रहता है। इसी वजह से भारत से इसे सीधे आसमान में नहीं देखा जा सकता। यह ग्रहण उन इलाकों में देखा जा रहा है जहां उस समय रात है। अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कई हिस्सों में लोगों को इस खगोलीय घटना को देखने का मौका मिला।

96 फीसदी हिस्सा पृथ्वी की छाया में

यह पूर्ण चंद्र ग्रहण नहीं बल्कि गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण है। इसके सबसे बड़े चरण में चंद्रमा का करीब 96 फीसदी हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया में पहुंचा। ग्रहण के दौरान चंद्रमा के कुछ हिस्से पर लालिमा भी दिखाई दे सकती है। इसी वजह से कई जगहों पर इसे आम बोलचाल में 'ब्लड मून' जैसा नजारा भी कहा जाता है।

अब धीरे-धीरे खत्म होगा ग्रहण

ग्रहण के अधिकतम चरण के बाद पृथ्वी की गहरी छाया लगातार चंद्रमा से दूर होती जाएगी। इसके साथ चंद्रमा का छाया में रहने वाला हिस्सा कम होता जाएगा। आखिरकार चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया से बाहर निकल जाएगा और साल का यह आखिरी चंद्र ग्रहण समाप्त हो जाएगा।

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