Cover Story Featured

चीन बना रहा ‘अंडरग्राउंड वॉर सिस्टम’, सैटेलाइट तस्वीरों ने बढ़ाई वैश्विक टेंशन

दुनिया की बड़ी शक्तियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा अब सिर्फ जमीन, समुद्र और आसमान तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि अब युद्ध की तैयारियां जमीन के नीचे भी पहुंच चुकी हैं। हाल ही में सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों ने चीन की एक ऐसी सैन्य रणनीति की ओर इशारा किया है, जिसने कई देशों की चिंता बढ़ा दी है। इन तस्वीरों में चीन के कुछ इलाकों में बड़े पैमाने पर भूमिगत निर्माण गतिविधियां दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये संरचनाएं भविष्य के युद्धों में हथियारों, मिसाइलों और सैन्य संसाधनों को सुरक्षित रखने के लिए तैयार की जा रही हो सकती हैं। कई रक्षा विश्लेषकों ने इन गतिविधियों की तुलना ईरान की भूमिगत सैन्य रणनीति से की है, जहां संवेदनशील हथियारों और मिसाइल सिस्टम को पहाड़ों या जमीन के भीतर सुरक्षित रखा जाता है ताकि दुश्मन के हवाई हमलों से उन्हें बचाया जा सके। चीन की इस कथित तैयारी ने एशिया समेत पूरी दुनिया में रणनीतिक बहस को तेज कर दिया है।

सैटेलाइट तस्वीरों में क्या दिखा

हाल के महीनों में अंतरराष्ट्रीय निगरानी एजेंसियों और रक्षा विशेषज्ञों ने चीन के कुछ संवेदनशील इलाकों की सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण किया। इन तस्वीरों में बड़े पैमाने पर खुदाई, सुरंग जैसी संरचनाएं और भारी निर्माण गतिविधियां दिखाई देने का दावा किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार कई इलाकों में जमीन के नीचे विशाल नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जो सामान्य निर्माण परियोजनाओं से अलग नजर आता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन संरचनाओं का इस्तेमाल मिसाइल स्टोरेज, कमांड सेंटर, हथियार भंडारण और आपातकालीन सैन्य संचालन के लिए किया जा सकता है। हालांकि चीन की ओर से इन दावों पर कोई स्पष्ट आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सैटेलाइट तस्वीरों ने वैश्विक सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान जरूर खींच लिया है।

भूमिगत सैन्य ढांचे क्यों बना रहे हैं देश

आधुनिक युद्ध में सबसे बड़ी चुनौती अपने हथियारों और सैन्य संसाधनों को सुरक्षित रखना होती है। आज के समय में सैटेलाइट निगरानी, ड्रोन तकनीक और लंबी दूरी की मिसाइलों के कारण किसी भी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाना पहले की तुलना में आसान हो गया है। ऐसे में कई देश भूमिगत संरचनाओं को ज्यादा सुरक्षित विकल्प मानते हैं। ईरान लंबे समय से इस रणनीति का इस्तेमाल करता रहा है। उसने अपने कई मिसाइल बेस और सैन्य ठिकानों को जमीन के भीतर विकसित किया है ताकि दुश्मन देशों के हमलों से उन्हें बचाया जा सके। अब माना जा रहा है कि चीन भी इसी तरह की रणनीति पर तेजी से काम कर रहा है। इससे युद्ध की स्थिति में उसकी सैन्य क्षमता को सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है।

चीन की रणनीति के पीछे क्या है मकसद

विशेषज्ञों के अनुसार चीन पिछले कुछ वर्षों में अपनी सैन्य ताकत को बेहद तेजी से बढ़ा रहा है। दक्षिण चीन सागर, ताइवान और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच बीजिंग अपनी रक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। भूमिगत सैन्य नेटवर्क तैयार करने के पीछे मुख्य उद्देश्य संभावित हमलों के दौरान हथियारों और कमांड सिस्टम को बचाए रखना हो सकता है। अगर किसी संघर्ष की स्थिति बनती है, तो जमीन के भीतर बने सुरक्षित ठिकाने सैन्य संचालन जारी रखने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा यह रणनीति विरोधी देशों को मनोवैज्ञानिक संदेश देने का भी तरीका मानी जाती है कि चीन लंबी और जटिल सैन्य तैयारी कर रहा है।

क्या बदल सकता है एशिया का सामरिक संतुलन

अगर चीन वास्तव में बड़े पैमाने पर भूमिगत सैन्य नेटवर्क तैयार कर रहा है, तो इसका असर एशिया के सामरिक संतुलन पर पड़ सकता है। इससे क्षेत्र में हथियारों की होड़ और तेज हो सकती है। जापान, दक्षिण कोरिया, भारत और अमेरिका जैसे देश पहले ही अपनी सैन्य रणनीतियों में बदलाव कर रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में युद्ध सिर्फ खुली लड़ाई तक सीमित नहीं रहेगा। साइबर युद्ध, ड्रोन हमले, अंतरिक्ष निगरानी और भूमिगत सैन्य नेटवर्क भविष्य की लड़ाइयों का अहम हिस्सा बन सकते हैं। चीन की कथित तैयारी इसी बदलते सैन्य मॉडल की तरफ इशारा करती है।

सैटेलाइट तस्वीरों में सामने आई चीन की कथित भूमिगत सैन्य गतिविधियों ने वैश्विक स्तर पर नई बहस छेड़ दी है। भले ही इन निर्माणों को लेकर पूरी सच्चाई अभी सार्वजनिक न हुई हो, लेकिन इतना साफ है कि दुनिया की बड़ी शक्तियां अब भविष्य के युद्धों के लिए नई तरह की तैयारियों में जुट चुकी हैं। चीन की यह रणनीति सिर्फ सैन्य ताकत बढ़ाने का मामला नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन और सुरक्षा राजनीति से जुड़ा बड़ा संकेत भी मानी जा रही है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि दुनिया इस बदलती सैन्य रणनीति का जवाब किस तरह देती है।

ये भी पढ़े: https://newsindia24x7.tv/cover-story-featured/twisha-death-case-cbi-remand-giribala-samarth-43745/

Lavanya Dayal

Recent Posts

IIT बॉम्बे छात्र की मौत के बाद माता-पिता का अनशन, ‘प्रताड़ित करने वालों’ पर कार्रवाई की मांग

IIT Bombay Student Death: IIT बॉम्बे के 20 वर्षीय BTech छात्र के माता-पिता ने मुंबई…

4 hours ago

‘वोट चोरी’ से होती है ‘कानून चोरी’: राहुल गांधी बोले- सांसदों के बनाए कानून भी अवैध

Rahul Gandhi Vote Chori Allegation: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को मुख्य…

4 hours ago

AI की रफ्तार बढ़ी तो बढ़ेगा ई-कचरा, 2050 तक हर साल 6.1 करोड़ टन तक निकल सकता है वेस्ट

AI E-Waste: दुनिया में AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग मशीनों…

5 hours ago

मेरठ सेंट्रल मार्केट के 650 व्यापारियों को राहत, सरकार लाएगी विशेष पुनर्वास नीति

Meerut: मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट के ध्वस्तीकरण से प्रभावित करीब 650 व्यापारियों को…

6 hours ago

गोवा में वोटर डिलीट करने के बाद नाम नहीं हो सका बहाल; EC ने Form 7 का दिया हवाला

ECINet Voter Deletion Rollback: चुनाव आयोग ने India Today को बताया कि ECINet सिस्टम में…

6 hours ago

‘देशभर में होगा प्रदर्शन’: CJP ने CEC ज्ञानेश कुमार से 48 घंटे में की इस्तीफे की मांग

CJP Gyanesh Kumar Resignation Demand: नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर Cockroach Janta Party (CJP)…

7 hours ago