होम = Breaking = ‘पुलिस पर भरोसा किया, लेकिन निशाने पर मैं ही आ गया’ – करूर भगदड़ पर CM विजय का दर्द

‘पुलिस पर भरोसा किया, लेकिन निशाने पर मैं ही आ गया’ – करूर भगदड़ पर CM विजय का दर्द

Karur Stampede Latest: तमिलनाडु के करूर में साल 2025 में हुई दर्दनाक भगदड़ की घटना को याद करते हुए मुख्यमंत्री विजय भावुक हो गए। शुक्रवार (10 जुलाई) को उन्होंने कहा कि यह हादसा पूरे राज्य के लिए कभी न भूलने वाला दुख बन गया है, जिसमें कई परिवारों ने अपने मासूम बच्चों को खो दिया। विजय ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा, "मैंने पुलिस पर भरोसा किया, लेकिन आरोप मुझ पर ही लगा दिए गए।" उनके इस बयान के बाद एक बार फिर करूर भगदड़ और उससे जुड़े विवाद चर्चा में आ गए।

'यह सिर्फ हादसा नहीं, पूरे समाज का अपूरणीय नुकसान'

करूर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विजय ने कहा, "हमने अपनी बहनों के बच्चों को इस करूर भगदड़ में खो दिया है। यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए ऐसा नुकसान है, जिसकी कभी भरपाई नहीं हो सकती।" उन्होंने कहा कि इस त्रासदी का दर्द हमेशा लोगों के दिलों में रहेगा। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

'करूर पुलिस से हमें जानकारी नहीं मिली थी'

मुख्यमंत्री विजय ने अपने संबोधन में करूर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "पेरंबलूर पुलिस ने हमें पहले ही आगाह कर दिया था कि भीड़ लगातार बढ़ रही है, लेकिन करूर पुलिस ने ऐसी कोई जानकारी नहीं दी। वे खुद हमें कार्यक्रम स्थल तक लेकर गए और मैंने उन पर भरोसा किया। अगर समय रहते मुझे हालात की गंभीरता से अवगत कराया गया होता, तो शायद स्थिति कुछ और होती।" विजय ने आरोप लगाया कि उन्होंने पुलिस पर विश्वास किया, लेकिन बाद में पूरे मामले का ठीकरा उन्हीं के सिर फोड़ दिया गया।