Cm Yogi Big Announcement: गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही जिले को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि जिले का पुराना नाम 'संत रविदास नगर' दोबारा बहाल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसे संत रविदास के सम्मान और उनकी विरासत को उचित पहचान दिलाने की दिशा में अहम कदम बताया।
CM योगी का बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संत रविदास केवल एक महान संत ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के प्रतीक रहे हैं। उनके विचार आज भी समाज को एकजुट करने और सकारात्मक दिशा देने का काम करते हैं। ऐसे में उनकी जन्मस्थली से जुड़े क्षेत्र को उनके नाम से पहचान मिलना सम्मान की बात है।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार संतों, महापुरुषों और भारत की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी सोच के तहत भदोही जिले का नाम फिर से 'संत रविदास नगर' किए जाने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला क्षेत्र की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान को और मजबूत करेगा।
फिर होगा भदोही का नाम 'संत रविदास नगर'
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संत रविदास का जीवन सामाजिक समानता, सेवा और भक्ति का संदेश देता है। उनके आदर्श आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा हैं। सरकार का उद्देश्य उनकी शिक्षाओं और विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है, ताकि समाज में सद्भाव और समरसता की भावना और मजबूत हो सके।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। संत रविदास से जुड़े स्थानों का विकास, बेहतर आधारभूत सुविधाएं और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं प्राथमिकता के आधार पर की जा रही हैं। इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों को भी आर्थिक और सामाजिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संत समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सभी को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए गुरु परंपरा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है और गुरु का मार्गदर्शन व्यक्ति के जीवन को सही दिशा देता है।
मुख्यमंत्री के इस ऐलान के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। समर्थकों का मानना है कि इससे संत रविदास की विरासत को नई पहचान मिलेगी, जबकि अब सभी की नजर इस घोषणा को लागू करने की औपचारिक प्रशासनिक प्रक्रिया पर रहेगी। यदि आवश्यक सरकारी प्रक्रिया पूरी होती है, तो आने वाले समय में भदोही जिला एक बार फिर 'संत रविदास नगर' के नाम से जाना जाएगा।
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