CNG Biogas Blending: पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग के बाद अब सरकार ने CNG में बायोगैस मिलाने की तैयारी शुरू कर दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने गुरुवार को 23,731 करोड़ रुपये की GOBARdhan योजना को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) का उत्पादन बढ़ाना और आयातित फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता घटाना है। योजना वित्त वर्ष 2027 से 2036 तक लागू होगी।
कचरे से बनेगी CBG
CBG को गोबर, फसल अवशेष, म्युनिसिपल और फूड वेस्ट तथा चीनी मिलों के कचरे जैसे ऑर्गेनिक वेस्ट से तैयार किया जाएगा। प्यूरिफिकेशन के बाद इसकी रासायनिक संरचना प्राकृतिक गैस के काफी करीब होती है। इसलिए इसे मौजूदा CNG और PNG नेटवर्क से सप्लाई किया जा सकेगा। सरकार को अगले दशक में बायो-CNG उत्पादन 10 गुना तक बढ़ने और गैस आयात पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
CNG में कितनी होगी ब्लेंडिंग?
सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के लिए बायोगैस ब्लेंडिंग अनिवार्य होगी। FY 2026-27 में लक्ष्य 3%, अगले साल 4% और FY 2028-29 से 5% ब्लेंडिंग का है।
क्या आपकी CNG कार पर असर पड़ेगा?
जुलाई 2026 में CNG पैसेंजर वाहनों की हिस्सेदारी 24.67% थी। सरकार के मुताबिक, बायो-CNG प्राकृतिक गैस के समान होने के कारण मौजूदा CNG कारों पर इसका कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। वाहनों में किसी हार्डवेयर बदलाव की जरूरत नहीं होगी। यानी पेट्रोल में E20 ब्लेंडिंग के विपरीत, बायो-CNG के लिए अलग इंजन की आवश्यकता नहीं होगी।
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