अध्यात्म

कार्तिक अमावस्या पर श्रद्धालुओं की भीड़, गंगा घाटों पर उमड़ी आस्था की लहर

Kartik Month : आज कार्तिक मास की अमावस्या तिथि पर देशभर में श्रद्धा और भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिल रहा है। इस पावन अवसर पर सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्त पवित्र नदियों विशेषकर गंगा, यमुना और गोदावरी में स्नान, जप, तप और दान-पुण्य कर रहे है। मान्यता है कि कार्तिक अमावस्या के दिन पवित्र स्नान और भगवान शिव या विष्णु की उपासना करने से सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

धार्मिक परंपरा के अनुसार, यह दिन आत्मिक शुद्धि, श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। कई स्थानों पर श्रद्धालु अपने पितरों की शांति के लिए तर्पण और पिंडदान भी कर रहे हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन किया गया दान-पुण्य अक्षय फल प्रदान करता है और घर में सुख-समृद्धि लाता है। ऐसे में आइए जानते हैं आज का पंचांग (Aaj ka Panchang 21 October 2025) के बारे में।

  • तिथि: कृष्ण अमावस्या, प्रातः 05:54 बजे तक
  • मास: कार्तिक (पूर्णिमांत)
  • दिन: मंगलवार
  • संवत्: 2082
  • योग: विष्कुम्भ, प्रातः 03:17 बजे तक (22 अक्टूबर)
  • करण: नागव प्रातः 05:54 बजे तक, इसके बाद किन्स्तुघ्न
  • सूर्योदय: 06:26 बजे
  • सूर्यास्त: 05:45 बजे
  • चंद्र राशि: कन्या (सुबह 09:36 बजे तक), इसके बाद तुला

आज के शुभ मुहूर्त

  • अभिजीत मुहूर्त: 11:43 बजे से 12:28 बजे तक
  • अमृत काल: 03:51 बजे से 05:38 बजे तक

आज के अशुभ समय

  • राहुकाल: 02:55 बजे से 04:20 बजे तक
  • गुलिकाल: 12:05 बजे से 01:30 बजे तक
  • यमगण्ड: 09:16 बजे से 10:40 बजे तक

कार्तिक अमावस्या का आध्यात्मिक महत्व

कार्तिक अमावस्या का दिन अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होने का प्रतीक माना जाता है। यह दिन आत्मनिरीक्षण, साधना और आंतरिक शुद्धि का अवसर प्रदान करता है। इस दिन पितरों की स्मृति में किए गए कर्म जैसे तर्पण, दीपदान और दान से न केवल पारिवारिक कल्याण होता है बल्कि मानसिक शांति भी प्राप्त होती है।

पंडितों के अनुसार, आज के दिन ध्यान, जप, साधना और ब्रह्म मुहूर्त में स्नान का विशेष महत्व है। माना जाता है कि इससे व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सौभाग्य और समृद्धि को आमंत्रित करता है।

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मुख्य बातें

  • पितरों के तर्पण और श्राद्ध कर्म के लिए शुभ दिन।
  • दान और पूजन से घर में सुख-शांति और धन की वृद्धि।
  • आत्मनिरीक्षण और आध्यात्मिक साधना के लिए अनुकूल समय।
  • अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का प्रतीक पर्व।
Shweta Gupta

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