Delhi Blast Case: दिल्ली के चर्चित रेड फोर्ट कार ब्लास्ट मामले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी ने फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर विस्फोटक बनाने के लिए जरूरी केमिकल और उपकरण खरीदे थे। एजेंसी के अनुसार, आरोपी लंबे समय से बम बनाने की तकनीक पर ऑनलाइन और ऑफलाइन रिसर्च कर रहा था और हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अपने फ्लैट को अस्थायी लैब के रूप में इस्तेमाल कर रहा था।
NIA की जांच में पता चला है कि डॉ. उमर उन नबी ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के पास स्थित अपने फ्लैट में कई प्रयोग किए थे। इन प्रयोगों का उद्देश्य एक प्रोटोटाइप विस्फोटक सामग्री तैयार करना था। जांच एजेंसी को 25 सितंबर 2024 की एक डिलीवरी चालान भी मिली है, जिसने केमिकल सप्लाई नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग उजागर किए। यह चालान मुंबई के एक छोटे व्यापारी द्वारा जारी किया गया था, जिससे संदिग्ध सामग्री की खरीद की पुष्टि हुई।
जांच में सामने आया कि फ्लैट में इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया के जरिए सामान्य नमक के घोल से क्लोरेट और परक्लोरेट जैसे खतरनाक रसायन तैयार किए जा रहे थे। इसके लिए MMO कोटेड टाइटेनियम एनोड जैसे विशेष उपकरणों का उपयोग किया गया था, जो इलेक्ट्रो-केमिकल प्रयोगों में काम आते हैं। इन रसायनों का इस्तेमाल आमतौर पर पटाखों और विस्फोटक सामग्री में किया जाता है।
NIA के अनुसार, असली खरीदार डॉ. उमर उन नबी था, लेकिन दस्तावेजों में उसने खुद को “राहुल भट्ट” नाम से दर्ज कराया था। इसी फर्जी पहचान के जरिए उसने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर केमिकल, एसीटोन सॉल्वेंट, फर्टिलाइजर बैग और एनोड जैसी सामग्री ऑर्डर की थी।
जांच में यह भी सामने आया कि अगस्त 2024 में उसने मुंबई के एक दुकानदार से संपर्क कर लगभग 25 हजार रुपये का भुगतान डिजिटल माध्यम से किया था। बाद में सामान फरीदाबाद के पते पर भेजा गया, जहां से आरोपी ने इसे स्वयं प्राप्त किया।
एजेंसी के मुताबिक, उमर ने इसी फर्जी पहचान का उपयोग करते हुए 10 और एनोड खरीदने का प्रयास किया था, लेकिन इससे पहले कि सौदा पूरा होता, जांच एजेंसियों ने पूरे मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर दिया। NIA का कहना है कि यह नेटवर्क प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े Ansar Ghazwat-ul-Hind से प्रभावित था।
जांच में यह भी सामने आया कि उमर और सह आरोपी डॉ. मुजम्मिल शकील ने अप्रैल 2024 में अहमदाबाद की यात्रा की थी, जहां उन्होंने रसायनों की तलाश की। मोबाइल फोन की जांच में कट्टरपंथी और विस्फोटक निर्माण से जुड़ी सामग्री भी बरामद हुई है।
NIA ने 14 मई को लगभग 7500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें 10 आरोपियों को नामजद किया गया है। यह मामला 10 नवंबर को दिल्ली में हुए हाई-इंटेंसिटी कार ब्लास्ट से जुड़ा है, जिसमें 11 लोगों की मौत और कई लोग घायल हुए थे।
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