Delhi Land Record Bill: दिल्ली सरकार जमीन और संपत्ति के रिकॉर्ड को पारदर्शी व आधुनिक बनाने के लिए जल्द 'Delhi Land Record Bill' पेश करने की तैयारी में है। इसके तहत दिल्ली की हर छोटी-बड़ी संपत्ति का एक विशिष्ट डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा, जिसे 'प्रॉपर्टी का आधार कार्ड' कहा जा रहा है। इसमें कृषि, रेजिडेंशियल और कमर्शियल समेत सभी तरह की संपत्तियों का सटीक ब्योरा दर्ज होगा। इसके लिए दिल्ली के गांवों की ड्रोन सर्वे के जरिए मैपिंग की जा रही है, जिसमें आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) की भी मदद ली जा रही है।
30 गांवों से होगी शुरुआत
योजना के पहले चरण में 30 ग्रामीण गांवों के जमीन और मकानों के रिकॉर्ड डिजिटल किए जाएंगे। मालिकों को आधिकारिक 'स्वामित्व प्रॉपर्टी कार्ड' भी दिए जाएंगे। इसके बाद इसे शहरी और अनधिकृत इलाकों तक विस्तार दिया जाएगा। योजना पर सहमति और ग्रामीणों के सुझाव लेने के लिए ग्राम प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी बुलाई गई है।
धोखाधड़ी और विवादों पर लगेगी रोक
डिजिटल रिकॉर्ड से फर्जी दस्तावेजों के जरिए संपत्ति कब्जाने या एक ही जमीन कई लोगों को बेचने जैसी धोखाधड़ी रोकने में मदद मिलेगी। सीमाओं और स्वामित्व से जुड़े पुराने विवादों के निपटारे में भी आसानी होगी। वहीं, प्रॉपर्टी कार्ड के आधार पर मालिकों को बैंक से लोन लेने में सुविधा मिल सकेगी।
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