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NEET पेपर लीक मामले में घिरे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, जाने उनका सियासी सफर

by | Jul 25, 2026 | News Top, देश

Dharmendra Pradhan Resignation: नीट पेपर लीक मामले में सीजेपी के जंतर मंदर पर विरोध प्रदर्शन के बीच शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। इस सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके का पहला रिएक्शन सामने आया है। शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे पर अभिजीत दीपके ने कहा कि झुकती है दुनिया बस झुकाने वाला चाहिए। उन्होंने कहा, 'कहा जाता था कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते। लेकिन इस्तीफा हुआ है। कहते थे कब तक बैठोगे। 36 दिन हर दिन मुझसे सवाल पूछा जाता था कि इस्तीफा नहीं होगा। लेकिन सरकार झुक गई। क्या कहते थे कि क्रांति नहीं होगी। लेकिन क्रांति हो गई।' प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर पर खुशी का माहौल है। आपको बता दें कि धर्मेंद्र प्रधान को बीजेपी में दूसरी पीढ़ी के बड़े नेताओं में गिना जाता है

परिवार का विरोध और मजबूत राजनीतिक करियर

सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र प्रधान के परिवार को भी युवाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उनकी बेटी नैमिषा प्रधान ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट कर दिया। हालांकि वर्तमान में उनके पास केवल एक ही मंत्रालय है, लेकिन 57 वर्षीय धर्मेंद्र प्रधान का राजनीतिक बायोडाटा बेहद मजबूत है।

जन्म, पारिवारिक पृष्ठभूमि और राजनीतिक सफर

26 जून 1969 को तालचेर में जन्मे धर्मेंद्र प्रधान को राजनीतिक विरासत मिलने के बावजूद उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से भाजपा में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। यही वजह रही कि सीजेपी प्रोटेस्ट और विपक्ष की मांगों के बावजूद शुरुआत में उनके इस्तीफे के कोई संकेत नहीं थे। धर्मेंद्र प्रधान भाजपा की दूसरी पीढ़ी के नेताओं में आते हैं; वे पीएम मोदी से 18 साल और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से चार साल छोटे हैं। उनका विवाह 1998 में मृदुला प्रधान से हुआ था, जो छात्र जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़ी थीं। धर्मेंद्र प्रधान ओबीसी वर्ग से संबंध रखते हैं।

धर्मेंद्र प्रधान का पारिवारिक जीवन, शिक्षा और राजनीतिक रिकॉर्ड

धर्मेंद्र प्रधान का हिमाचल प्रदेश से गहरा संबंध है क्योंकि उनका ससुराल मंडी जिले के कोठुवां गांव में है। प्रधान दंपति के एक बेटा और एक बेटी हैं। उनके नाम स्वतंत्र भारत में सबसे लंबे समय तक पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री रहने का रिकॉर्ड दर्ज है, और यदि वे कुछ और समय तक शिक्षा मंत्री बने रहते, तो वे भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी के कार्यकाल को भी पीछे छोड़ देते। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने ओडिशा के उत्कल विश्वविद्यालय से मानवशास्त्र (एंथ्रोपोलॉजी) में एमए (मास्टर ऑफ आर्ट्स) तक की पढ़ाई की है।

धर्मेंद्र प्रधान का राजनीतिक सफर और उपलब्धियां

  1. राजनीतिक विरासत और शुरुआत: पिता डॉ. देबेन्द्र प्रधान पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं; राजनीतिक सफर 1983 में ABVP से शुरू हुआ (1985 में तलचर कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष, 1995 में एबीवीपी राष्ट्रीय सचिव)।
  2. सांसद और राज्यसभा सफर: 2004 में ओडिशा के देवगढ़ से पहली बार लोकसभा सांसद बने और बाद में बिहार व मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य रहे।
  3. 2024 की वापसी: 2024 के आम चुनाव में ओडिशा की संबलपुर सीट से जीत दर्ज कर लोकसभा में वापसी की।
  4. पेट्रोलियम मंत्री के रूप में रिकॉर्ड: 2014 से 2021 तक केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री रहे (इस मंत्रालय का सबसे लंबा कार्यकाल)।
  5. अन्य अहम मंत्रालय: शिक्षा के अलावा कौशल विकास एवं उद्यमिता और इस्पात मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाली।
  6. BJYM अध्यक्ष: 2005 में 36 वर्ष की आयु में दो साल के लिए बीजेपी युवा मोर्चा के 10वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बने।
  7. अनूठी आदत: हमेशा अपनी जेब में तीन अलग-अलग रंगों के पेन रखते हैं।
  8. प्रमुख योजनाएं व अभियान: पेट्रोलियम कार्यकाल में दुनिया की सबसे बड़ी डीबीटी योजना 'पहल' और 'गिव It Up' एलपीजी सब्सिडी अभियान की शुरुआत की।
  9. NEP का क्रियान्वयन: शिक्षा मंत्री के तौर पर देश भर में नई शिक्षा नीति (NEP) के नीतिगत बदलावों को लागू कराया।
  10. प्रेरणा स्थल का विकास: पीएम मोदी के वडनगर (गुजरात) स्थित प्राथमिक विद्यालय को 21वीं सदी की पीढ़ी के लिए 'प्रेरणा स्थल' के रूप में विकसित किया।

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