स्वास्थ्य समाचार

DRC इबोला ऑउटब्रेक: 100 से अधिक मौतें, WHO की चेतावनी

Africa: अफ्रीका में इबोला वायरस रोग (EVD) का नया प्रकोप तेजी से फैल रहा है, जिसमें अब तक 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यह प्रकोप विशेष रूप से डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में फैले बुंडिबुग्यो वायरस (Bundibugyo virus disease - BVD) के कारण हो रहा है।

तेजी से फैल रहा संक्रमण, युगांडा तक पहुंचा वायरस

संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी (WHO) के अनुसार, यह प्रकोप तेजी से विकसित हो रहा है और मामलों की संख्या, भौगोलिक विस्तार तथा सीमा पार संक्रमण में लगातार वृद्धि हो रही है। वायरस अब DRC से निकलकर युगांडा तक फैल चुका है। युगांडा में संक्रमण के मामले DRC से जुड़े हुए हैं, जहां कुछ मरीज बाहर से आए संक्रमण के शिकार हैं, जबकि कुछ मामलों में स्वास्थ्यकर्मियों और संपर्क में आए लोगों में सेकेंडरी ट्रांसमिशन भी देखा गया है।

WHO और Africa CDC की संयुक्त कार्रवाई

स्थानीय प्रशासन, WHO और अन्य साझेदार मिलकर इस प्रकोप से निपटने के लिए व्यापक प्रतिक्रिया अभियान चला रहे हैं। 5 जून को Africa Centres for Disease Control and Prevention (Africa CDC) और WHO ने मिलकर एक संयुक्त महाद्वीपीय तैयारी और प्रतिक्रिया योजना शुरू की, जिसके लिए 518 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता की मांग की गई है। इसका उद्देश्य अफ्रीकी देशों को इस प्रकोप की रोकथाम, त्वरित पहचान और नियंत्रण में सहायता देना है।

कोई विशेष दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं

WHO ने बताया है कि वर्तमान स्ट्रेन के लिए कोई विशेष वैक्सीन या दवा उपलब्ध नहीं है। यही कारण है कि यह बीमारी और भी खतरनाक मानी जा रही है।

क्या है बुंडिबुग्यो वायरस (BVD)?

बुंडिबुग्यो वायरस एक गंभीर और अक्सर जानलेवा इबोला संक्रमण का रूप है, जो Orthoebolavirus समूह से संबंधित है। यह एक ज़ूनोटिक (जानवरों से मनुष्यों में फैलने वाला) रोग है, जिसमें फल खाने वाले चमगादड़ों को इसका प्राकृतिक स्रोत माना जाता है।

कैसे फैलता है संक्रमण?

WHO के अनुसार, मानव में संक्रमण संक्रमित जंगली जानवरों के रक्त या शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क से फैलता है। इसके बाद यह व्यक्ति से व्यक्ति में रक्त, शरीर के तरल पदार्थ, अंगों या दूषित वस्तुओं के संपर्क से फैलता है।

स्वास्थ्य सुविधाओं में संक्रमण का खतरा अधिक होता है, खासकर जब संक्रमण नियंत्रण उपाय कमजोर हों या दफनाने की प्रक्रिया असुरक्षित हो।

लक्षण और जोखिम

इस बीमारी का इनक्यूबेशन पीरियड 2 से 21 दिन तक होता है। शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू जैसे होते हैं—बुखार, थकान, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और गले में खराश। बाद में यह संक्रमण गंभीर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं, अंगों की विफलता और कुछ मामलों में रक्तस्राव (हेमरेजिक लक्षणों) तक पहुंच सकता है।

पहले के प्रकोप और मृत्यु दर

WHO के अनुसार, पहले के प्रकोपों में मृत्यु दर काफी अधिक रही है। 2007 और 2012 में DRC और युगांडा में हुए प्रकोपों में मृत्यु दर क्रमशः 30% और 50% तक दर्ज की गई थी।

WHO का जोखिम आकलन

6 जून को WHO ने इस प्रकोप के जोखिम का पुनर्मूल्यांकन किया। संगठन ने कहा कि DRC में स्थिति बहुत उच्च जोखिम वाली है क्योंकि संक्रमण लगातार फैल रहा है और नए क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है। हालांकि, वैश्विक स्तर पर इस प्रकोप का जोखिम अभी भी कम माना गया है।

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Tanisha Verma

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