Driving Licence New Rules 2026: ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और उसमें नाम-पता बदलवाने की प्रक्रिया जल्द आसान हो सकती है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन का मसौदा जारी किया है। इसमें लाइसेंस के फॉर्मेट, जरूरी दस्तावेजों, फीस और सेफ ड्राइविंग असेसमेंट से जुड़े कई बदलाव प्रस्तावित हैं।
भारतीय और विदेशी नागरिकों के लाइसेंस होंगे अलग
प्रस्ताव के अनुसार, ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने या रिन्यू कराने पर फॉर्म-7 के तहत लैमिनेटेड या पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) कार्ड दिया जाएगा।
भारतीय और विदेशी नागरिकों के लाइसेंस का फॉर्मेट और रंग अलग-अलग हो सकता है, जिससे उनकी पहचान आसान होगी।
लाइसेंस पर देनी होगी अतिरिक्त जानकारी
नए नियम लागू होने पर लाइसेंस धारकों को ब्लड ग्रुप, मोबाइल नंबर और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर जैसी जानकारी देना अनिवार्य हो सकता है। इससे आपात स्थिति में संबंधित व्यक्ति या उसके परिवार से संपर्क करने में मदद मिलेगी।
पहचान और एड्रेस प्रूफ के नियमों में बदलाव
मंत्रालय ने पहचान, उम्र और निवास प्रमाण के लिए स्वीकार्य दस्तावेजों की सूची प्रस्तावित की है। इसमें आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी, ई-राशन कार्ड, सरकारी या सार्वजनिक उपक्रम का सर्विस आईडी कार्ड, पेंशनभोगी फोटो पहचान पत्र, स्वतंत्रता सेनानी पहचान पत्र, तीन महीने पुराना बिजली या गैस बिल और जन्म प्रमाण पत्र शामिल हैं। हालांकि, सभी दस्तावेज हर प्रकार के प्रमाण के लिए मान्य हों, यह जरूरी नहीं है।
इसके अलावा, एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट या नोटरी के सामने शपथ लेकर हलफनामा बनवाने की अनिवार्यता खत्म करने का प्रस्ताव है। कुछ मामलों में हलफनामे और जीवन बीमा पॉलिसी को उम्र या पते के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जा सकता है। इसका उद्देश्य दस्तावेजों का दुरुपयोग रोकना और आवेदन प्रक्रिया आसान बनाना है।
सेफ ड्राइविंग असेसमेंट में 75% अंक जरूरी
ऑनलाइन सेफ ड्राइविंग ट्यूटोरियल असेसमेंट में पास होने के लिए न्यूनतम अंक 60% से बढ़ाकर 75% करने का प्रस्ताव है।
साथ ही, सेफ ड्राइविंग ट्यूटोरियल की अवधि कम से कम 30 मिनट निर्धारित की जा सकती है। इसका मकसद आवेदकों को सड़क सुरक्षा और सुरक्षित ड्राइविंग के नियमों की बेहतर जानकारी देना है।
15 दिनों में नाम-पता बदलने पर फैसला
प्रस्तावित नियमों के तहत लाइसेंसिंग अथॉरिटी को नाम, पता या अन्य व्यक्तिगत जानकारी बदलने के आवेदन पर 15 दिनों के भीतर फैसला लेना होगा। अथॉरिटी को आवेदन स्वीकार या खारिज करना होगा। आवेदन खारिज होने पर उसका कारण बताना भी जरूरी होगा। मंत्रालय ने व्यक्तिगत जानकारी अपडेट कराने की फीस खत्म करने का भी प्रस्ताव दिया है, जिससे आवेदकों का समय और पैसा दोनों बच सकते हैं।
आधार ऑथेंटिकेशन से कुछ सेवाएं हो सकती हैं मुफ्त
आधार ऑथेंटिकेशन के जरिए पूरी की जाने वाली कुछ ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस सेवाओं की फीस माफ करने का प्रस्ताव भी है। हालांकि, किन सेवाओं पर छूट मिलेगी, यह अंतिम नियमों में स्पष्ट होगा।
30 दिनों के भीतर मांगे गए सुझाव
मंत्रालय ने ड्राफ्ट नोटिफिकेशन प्रकाशित होने के 30 दिनों के भीतर संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। फिलहाल ये सभी बदलाव प्रस्तावित हैं। अंतिम अधिसूचना जारी होने और नियम लागू होने के बाद ही ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रियाओं में बदलाव होगा।
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