DY Chandrachud Russia arbitration: भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ रूस की ओर से एक अंतरराष्ट्रीय आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल में शामिल होंगे। यह मामला यूक्रेन के सरकारी बैंक Oschadbank और रूस के बीच है। Global Arbitration Review की रिपोर्ट का हवाला देते हुए Bar and Bench ने यह जानकारी दी है।
चार यूक्रेनी क्षेत्रों में नुकसान का दावा
विवाद Oschadbank की डोनेट्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया क्षेत्रों में संपत्तियों और कारोबारी गतिविधियों से जुड़ा है। बैंक का दावा है कि फरवरी 2022 में रूस के पूर्ण सैन्य अभियान शुरू होने के बाद उसे इन इलाकों में बैंकिंग संपत्तियों और निवेशों का बड़ा नुकसान हुआ और संचालन बंद करना पड़ा। मामले की सुनवाई रूस-यूक्रेन के 1998 के द्विपक्षीय निवेश समझौते के तहत होगी। Oschadbank का दावा सैकड़ों मिलियन डॉलर का बताया जा रहा है।
तीन सदस्यीय होगा ट्रिब्यूनल
ट्रिब्यूनल में तीन सदस्य होंगे। कोस्टा रिका की आर्बिट्रेटर और पूर्व व्यापार मंत्री डायाला जिमेनेज अध्यक्ष होंगी। उन्हें रूस और Oschadbank ने संयुक्त रूप से चुना है। बैंक ने ग्रीक आर्बिट्रेटर और NUS के प्रोफेसर स्टावरोस ब्रेकौलाकिस को नियुक्त किया है, जबकि चंद्रचूड़ को रूस ने चुना है। Oschadbank ने जुलाई 2025 में विवाद संबंधी नोटिस का रूस की ओर से जवाब नहीं मिलने के बाद आर्बिट्रेशन शुरू किया था।
पहले भी रूस ने किया था संपर्क
रिपोर्टों के अनुसार, चंद्रचूड़ ने पहले रूस से जुड़े Wintershall Dea और Ukrenergo मामलों में आर्बिट्रेटर बनने के प्रस्ताव ठुकराए थे। उस समय Permanent Court of Arbitration ने उन्हें Wintershall मामले में appointing authority बनाया था। बाद में संबंधित बातचीत की जानकारी देने के बाद उन्होंने यह भूमिका छोड़ दी।
क्रीमिया मामले से अलग है विवाद
यह Oschadbank और रूस के बीच क्रीमिया से जुड़ी पिछली आर्बिट्रेशन कार्यवाही से अलग मामला है। 2014 में क्रीमिया के विलय के बाद बैंक की संपत्तियों और शाखा के कथित अधिग्रहण के मामले में ट्रिब्यूनल ने बैंक को करीब 1.1 अरब डॉलर का मुआवजा दिया था, जो ब्याज के साथ बढ़ा। बैंक का कहना है कि वह 2022 के बाद हुए सभी नुकसान का दस्तावेजीकरण कर रहा है और इस नए दावे के जरिए उनकी भरपाई की मांग करेगा।
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