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E20 पेट्रोल पर बढ़ी चिंता, ऑटो कंपनियों के डेटा में क्लोराइड-मॉइस्चर की शिकायत

by | Aug 14, 2026 | ऑटो

E20 Petrol Controversy: पेट्रोल में 20% इथेनॉल ब्लेंडिंग यानी E20 को लेकर विवाद और सवाल लगातार बने हुए हैं। हाल ही में सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) ने सरकार को भेजी शिकायत वापस ले ली थी। संगठन ने कहा कि शिकायत में शामिल कुछ आंकड़ों की आगे जांच जरूरी है। हालांकि, रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑटो कंपनियों के अधिकारियों के बीच हुई बातचीत से E20 की गुणवत्ता को लेकर उनकी चिंताएं सामने आई हैं।

टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी और महिंद्रा के अधिकारियों ने पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाने को लेकर चिंता जताई थी। कंपनियों के डेटा में बड़े पैमाने पर की गई फ्यूल टेस्टिंग शामिल थी। सरकार ने E20 को प्रदूषण और पेट्रोल आयात पर निर्भरता घटाने के उद्देश्य से लागू किया है। 1 अप्रैल से देशभर में E20 ईंधन लागू किया गया।

250 से ज्यादा पंपों से लिए गए सैंपल

रिपोर्ट के अनुसार कई ऑटो कंपनियों ने एक साल में 21 राज्यों के 250 से अधिक पेट्रोल पंपों से सैंपल जुटाकर जांच की। 18 राज्यों के कई सैंपल में क्लोराइड और नमी की मात्रा अधिक मिली। कंपनियों की आंतरिक बातचीत में इनसे वाहनों में समस्याएं आने की आशंका जताई गई, जबकि सार्वजनिक तौर पर ऑटो कंपनियां E20 का समर्थन करती रही हैं। SIAM ने 28 जुलाई की शिकायत वापस लेते हुए कहा कि आंकड़े इंटरनल सर्कुलेशन और चर्चा के लिए जुटाए गए थे और सैंपल साइज व टेस्टिंग पद्धति ठोस निष्कर्ष के लिए पर्याप्त नहीं थी। संगठन अब वैज्ञानिक अध्ययन की योजना बना रहा है।

सरकार और कंपनियों का क्या कहना है?

पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस पर प्रतिक्रिया नहीं दी। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि SIAM की शिकायत से दो सप्ताह पहले ही तेल कंपनियों ने पंपों पर जांच शुरू कर दी थी और केवल चार मामले सामने आए। सरकारी तेल कंपनियों के मुताबिक रैंडम और वैज्ञानिक परीक्षणों में चिंताजनक मिलावट नहीं मिली। महिंद्रा ने ईमेल के आधार पर निकाले गए निष्कर्षों को पूरी तरह गलत बताया, जबकि मारुति और टाटा ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

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