Eknath Shinde on Supriya Sule: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने महिला आरक्षण और परिसीमन (डिलिमिटेशन) विधेयक को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) और इंडिया गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि एनसीपी (एसपी) की नेता सुप्रिया सुले अब इन दोनों विधेयकों का समर्थन करती हैं, तो यह एक सकारात्मक कदम होगा और उनका स्वागत किया जाएगा। शिंदे ने आरोप लगाया कि पहले इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर समर्थन न देकर विपक्ष ने गलत रुख अपनाया था। अब यदि उनका नजरिया बदला है, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए बेहतर माना जाएगा।
'पहले समर्थन नहीं देकर की गलती'
एकनाथ शिंदे ने कहा कि महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उनका कहना था कि सुप्रिया सुले ने पहले इन प्रस्तावों का समर्थन नहीं किया, जो एक राजनीतिक भूल थी। यदि अब वे इनका समर्थन करती हैं, तो यह स्वागत योग्य निर्णय होगा। उन्होंने दोहराया कि दोनों विधेयक देशहित में हैं और इन्हें संसद से पारित होना चाहिए।
इंडिया गठबंधन पर साधा निशाना
डिप्टी सीएम ने दावा किया कि एनसीपी (शरद पवार गुट) अभी भी इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख नहीं अपना पा रही है। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के कई नेताओं के बयानों और उनके रुख में विरोधाभास दिखाई देता है। शिंदे के अनुसार, विपक्ष इस मुद्दे पर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रहा है, जबकि सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट है।
परिसीमन पर क्या बोले शिंदे
परिसीमन को लेकर चल रही चर्चाओं पर एकनाथ शिंदे ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि परिसीमन के बाद सभी राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या में लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि जब सरकार इस विषय पर अपना पक्ष स्पष्ट कर चुकी है, तब इस मुद्दे पर अनावश्यक विवाद खड़ा करने का कोई औचित्य नहीं है।
जयंत पाटिल से मुलाकात पर भी दी सफाई
हाल ही में एनसीपी (एसपी) नेता जयंत पाटिल से हुई मुलाकात को लेकर उठ रहे राजनीतिक कयासों पर भी शिंदे ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह मुलाकात केवल विकास कार्यों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए हुई थी। शिंदे ने साफ किया कि बैठक का कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं था और इसमें किसी तरह की राजनीतिक रणनीति या गठबंधन पर चर्चा नहीं हुई।
मर्जर मामले पर क्या कहा
पार्टी मर्जर से जुड़े सवाल पर एकनाथ शिंदे ने कहा कि इस मामले में अंतिम निर्णय संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस विषय पर फैसला लोकसभा अध्यक्ष के अधिकार क्षेत्र में आता है और वही अंतिम निर्णय करेंगे।
महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर एकनाथ शिंदे के बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए सुप्रिया सुले से इन विधेयकों का समर्थन करने की अपील की। अब इस मुद्दे पर विपक्ष की अगली प्रतिक्रिया और संसद में होने वाली आगे की चर्चा पर सभी की नजर रहेगी।
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