Prince Andrew arrest: ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय के छोटे भाई एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर को गुरुवार को सार्वजनिक पद के कथित दुरुपयोग के शक में हिरासत में लिया गया। यह कार्रवाई लंबे समय से चल रहे जेफरी एपस्टीन विवाद में अब तक की सबसे गंभीर कानूनी घटना मानी जा रही है। खास बात यह रही कि गिरफ्तारी उनके 66वें जन्मदिन के दिन हुई, जिसने बीते वर्षों में उनकी गिरती सार्वजनिक साख को और उजागर कर दिया।
थेम्स वैली पुलिस ने बताया कि नॉरफ़ॉक के एक 60 वर्षीय व्यक्ति को पकड़ा गया है और बर्कशायर तथा नॉरफ़ॉक में कई जगहों पर तलाशी चल रही है। पुलिस ने नाम सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन यह साफ किया कि मामला हाल में सामने आए अमेरिकी दस्तावेजों के बड़े संग्रह एपस्टीन फाइल्स से जुड़े आरोपों से संबंधित है।
जांच एजेंसियों का ध्यान उन आरोपों पर है जिनमें कहा गया है कि एंड्रयू ने ब्रिटेन के व्यापार दूत रहते हुए संवेदनशील सरकारी जानकारी एपस्टीन के साथ साझा की। कथित तौर पर आधिकारिक विदेश यात्राओं से जुड़ी रिपोर्टें ईमेल के जरिए उसे भेजी गई थीं, जबकि नियमों के अनुसार ऐसी जानकारी सरकारी चैनलों से बाहर साझा नहीं की जा सकती।
कई सप्ताह तक दस्तावेजों की समीक्षा के बाद पुलिस ने औपचारिक जांच शुरू की। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या एपस्टीन के नेटवर्क से जुड़ी एक महिला को ब्रिटेन लाकर उनसे मिलवाया गया था।
एंड्रयू का नाम एक दशक से अधिक समय से एपस्टीन मामले में जुड़ता रहा है। 2019 में विवाद बढ़ने पर उन्होंने सार्वजनिक जिम्मेदारियों से दूरी बना ली थी। बाद में अक्टूबर 2025 में राजा चार्ल्स तृतीय ने उनसे शाही उपाधि भी वापस ले ली।
उन्होंने लगातार किसी भी गैरकानूनी गतिविधि से इनकार किया है, हालांकि एपस्टीन से मित्रता पर पछतावा जरूर जताया।
लीक तस्वीरों और ईमेल ने उनके सामाजिक संबंधों को लेकर पहले ही सवाल खड़े किए थे। मानव तस्करी पीड़िता होने का दावा करने वाली वर्जीनिया गिउफ्रे ने भी आरोप लगाया था कि 17 वर्ष की उम्र में उनके साथ एंड्रयू के संबंध बने थे। इसके बाद उनसे कई सम्मानित पद और सुविधाएं भी हटा ली गईं।
ब्रिटेन में “सार्वजनिक पद पर दुरुपयोग” सामान्य कानून के तहत अपराध माना जाता है। अब जांच एजेंसियां यह तय करेंगी कि उपलब्ध सबूत आपराधिक आरोप लगाने के लिए पर्याप्त हैं या नहीं। फिलहाल एंड्रयू पुलिस हिरासत में हैं और पूछताछ जारी है। बकिंघम पैलेस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, हालांकि पहले सहयोग की बात कही जा चुकी है।
गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रिया तेज हो गई है। प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि कानून सब पर समान रूप से लागू होता है और एंड्रयू को ब्रिटेन व अमेरिका दोनों देशों की एजेंसियों के साथ सहयोग करना चाहिए। वरिष्ठ नेताओं ने भी पीड़ितों के हित में पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
उधर, मेट्रोपॉलिटन पुलिस एपस्टीन के सुरक्षा कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। आरोप है कि उन्होंने उसकी संपत्तियों, यहां तक कि निजी द्वीप पर भी संदिग्ध गतिविधियों को नजरअंदाज किया हो सकता है। हालांकि अभी किसी़यदाचार की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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