Environmental Toxins Health Risks: आज के समय में हवा, पानी और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले कई उत्पादों के जरिए पर्यावरणीय टॉक्सिन से पूरी तरह बच पाना मुश्किल है। हालांकि, यह जानना जरूरी है कि कौन-से टॉक्सिन वास्तव में ज्यादा खतरनाक हैं और किनके बारे में चिंता अपेक्षाकृत कम है। 25 वर्षों के अनुभव वाले बोर्ड-प्रमाणित कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. जेरेमी लंदन ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर विभिन्न पर्यावरणीय टॉक्सिन को 10 में से रेटिंग दी।
सेकेंडहैंड स्मोक – 9/10
डॉ. लंदन के मुताबिक, सेकेंडहैंड स्मोक सबसे गंभीर पर्यावरणीय जोखिमों में से एक है। जो लोग कभी धूम्रपान नहीं करते, उनमें भी इसके संपर्क से फेफड़ों के कैंसर का खतरा 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। इसलिए इसे उन्होंने 10 में से 9 अंक दिए।
मोबाइल फोन EMF – 2/10
मोबाइल फोन से निकलने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फ्रीक्वेंसी (EMF) को लेकर कई तरह की आशंकाएं हैं, लेकिन डॉ. लंदन का कहना है कि सामान्य उपयोग में उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाण इसे बड़ा स्वास्थ्य जोखिम नहीं मानते। इसी वजह से उन्होंने इसकी जोखिम रेटिंग 2/10 रखी।
घर का फफूंद (मोल्ड) – 3/10 या 7/10
घर में सामान्य फफूंद आमतौर पर हल्के लक्षण पैदा करता है, इसलिए इसकी रेटिंग 3/10 है। वहीं ब्लैक मोल्ड गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है, इसलिए इसे 7/10 की रेटिंग दी गई है।
एक्स-रे रेडिएशन – जोखिम मात्रा पर निर्भर
डॉ. लंदन के अनुसार, रेडिएशन एक ज्ञात कार्सिनोजेन (कैंसरकारी तत्व) है, लेकिन इसका खतरा एक्सपोजर की मात्रा पर निर्भर करता है। एक-दो सामान्य एक्स-रे चिंता का विषय नहीं हैं, जबकि कम समय में कई एक्स-रे कराने से जोखिम बढ़ सकता है। इसी कारण उन्होंने इसकी कोई निश्चित रेटिंग नहीं दी।
माइक्रोप्लास्टिक – अभी निष्कर्ष बाकी
डॉ. लंदन ने बताया कि माइक्रोप्लास्टिक खून, फेफड़ों और यहां तक कि प्लेसेंटा में भी पाए जा चुके हैं। इन्हें पूरी तरह टालना मुश्किल है, लेकिन इनके संपर्क को कम करना समझदारी होगी। हालांकि, इनके स्वास्थ्य प्रभावों पर वैज्ञानिक अध्ययन अभी शुरुआती चरण में हैं, इसलिए उन्होंने इसकी कोई रेटिंग नहीं दी और कहा कि स्पष्ट निष्कर्ष के लिए अभी कुछ वर्षों का इंतजार करना होगा।
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