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EPFO का बड़ा बदलाव: PF ट्रांसफर से पेंशन तक सब होगा आसान, लागू हुई नई डिजिटल व्यवस्था

by | Jul 8, 2026 | Trending

EPFO New Rules 2026: देश के करोड़ों कर्मचारी भविष्य निधि (PF) खाताधारकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपनी सेवाओं को अधिक तेज, पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए Centralised IT Enabled Services (CITES) परियोजना लागू कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत EPFO का पूरा डेटाबेस अब एक केंद्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर दिया गया है। इससे सदस्य अब देश के किसी भी अधिकृत EPFO कार्यालय से अपनी सेवाओं का लाभ ले सकेंगे और कई प्रक्रियाएं पहले के मुकाबले काफी आसान हो जाएंगी।

15 जुलाई तक खातों में जमा होगा 8.25% ब्याज

नई व्यवस्था के तहत वित्त वर्ष 2025-26 के लिए घोषित 8.25% EPF ब्याज पहली बार केंद्रीय आईटी सिस्टम के जरिए ऑटोमेटिक तरीके से प्रोसेस किया जाएगा। फील्ड वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद करीब 34 करोड़ खातों में 1.44 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ब्याज 15 जुलाई तक जमा किए जाने की तैयारी है। पहले यही प्रक्रिया अक्टूबर-नवंबर तक चलती थी, लेकिन अब इसे काफी तेज कर दिया गया है।

एक ही पोर्टल पर मिलेंगी सभी सुविधाएं

EPFO ने नया यूनिफाइड मेंबर पोर्टल भी शुरू किया है। इस पोर्टल पर सदस्य एक ही जगह से अपना PF बैलेंस, क्लेम स्टेटस, सदस्यता विवरण, पेंशन योग्य सेवा रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां देख सकेंगे। इससे अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग पोर्टल या कार्यालय जाने की जरूरत कम होगी।

क्लेम प्रक्रिया होगी ज्यादा आसान

नई प्रणाली में क्लेम दाखिल करने से पहले ऑटोमेटेड प्री-वैलिडेशन की सुविधा दी गई है। इसके जरिए आवेदन में मौजूद त्रुटियों या अधूरी जानकारी का पता पहले ही चल जाएगा। इससे क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना कम होगी और सदस्य को यह भी पहले से पता चल जाएगा कि वह कितनी राशि निकालने के पात्र हैं।

ऑटो-क्लेम की सीमा बढ़कर 5 लाख रुपये

EPFO ने ऑटो-क्लेम सेटलमेंट की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी है। यदि सदस्य का KYC पूरी तरह अपडेट और सत्यापित है तो एडवांस क्लेम का निपटारा स्वतः किया जाएगा। इससे क्लेम का समय कम होगा और सदस्यों को जल्द भुगतान मिल सकेगा।

ऑनलाइन मिलेगा क्लैरिफिकेशन का विकल्प

यदि किसी क्लेम में अतिरिक्त जानकारी की आवश्यकता होगी तो अब सदस्य को EPFO कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। विभाग ऑनलाइन ही स्पष्टीकरण मांगेगा और सदस्य पोर्टल के माध्यम से उसका जवाब दे सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना भी कम होगी।

सेटलमेंट वाले दिन ही बैंक खाते में पहुंचेगा पैसा

नई व्यवस्था के तहत क्लेम भुगतान को पूरी तरह केंद्रीकृत इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम से जोड़ दिया गया है। इससे क्लेम मंजूर होने के दिन ही राशि सीधे सदस्य के बैंक खाते में भेज दी जाएगी। साथ ही अंतिम PF सेटलमेंट पर भुगतान स्वीकृत होने की तारीख तक ब्याज भी मिलेगा।

निकासी के नियम हुए सरल

EPFO ने आंशिक निकासी से जुड़े 13 अलग-अलग नियमों को घटाकर केवल तीन श्रेणियों में समाहित कर दिया है। अब सदस्य आवश्यक जरूरत, आवास और विशेष परिस्थितियों के आधार पर PF की निकासी कर सकेंगे। इसके अलावा सदस्य अपने PF बैलेंस का 75 प्रतिशत तक निकाल सकेंगे।

नौकरी बदलने पर PF होगा स्वतः ट्रांसफर

नई व्यवस्था के तहत यदि कर्मचारी का UAN आधार से लिंक है तो नौकरी बदलने पर PF खाता और पूरी सर्विस हिस्ट्री स्वतः नई कंपनी में ट्रांसफर हो जाएगी। इससे पेंशन पात्रता के लिए सेवा की निरंतरता बनी रहेगी और अलग से ट्रांसफर की प्रक्रिया नहीं करनी पड़ेगी।

देश के किसी भी EPFO कार्यालय से मिलेगी सुविधा

CITES लागू होने के बाद सदस्य अब किसी भी अधिकृत EPFO कार्यालय में जाकर अपनी शिकायत, क्लेम या अन्य सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। वहीं, EPS पेंशनधारकों को भी देश के किसी भी PF कार्यालय से सेवाएं मिलेंगी। Centralised Pension Payment System (CPPS) के जरिए पेंशन अब भारत के किसी भी बैंक खाते में सीधे भेजी जा सकेगी।

EPFO की नई डिजिटल व्यवस्था करोड़ों कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। इससे PF ट्रांसफर, क्लेम, ब्याज भुगतान और पेंशन जैसी सेवाएं पहले की तुलना में अधिक तेज, पारदर्शी और आसान होंगी। नई प्रणाली का उद्देश्य कागजी प्रक्रिया कम करना, समय बचाना और सदस्यों को बेहतर डिजिटल अनुभव उपलब्ध कराना है।

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