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विदेशी फंडिंग पर सरकार का डिजिटल शिकंजा, अमित शाह ने लॉन्च किया FCRA 2.0 और e-OCI

by | Jun 30, 2026 | Cover Story Latest

FCRA 2.0 and e-OCI: केंद्र सरकार ने विदेशी फंडिंग की निगरानी और प्रवासी भारतीयों से जुड़ी सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने FCRA 2.0 और e-OCI प्रणाली का शुभारंभ किया। सरकार का कहना है कि इन दोनों डिजिटल प्लेटफॉर्म से पारदर्शिता बढ़ेगी, प्रक्रियाएं सरल होंगी और निगरानी व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।

क्या है FCRA 2.0

FCRA यानी विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (Foreign Contribution Regulation Act) के तहत विदेश से मिलने वाले धन की निगरानी की जाती है। इस कानून के अंतर्गत गैर-सरकारी संगठनों, संस्थाओं और अन्य संगठनों को विदेशी फंड प्राप्त करने के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना होता है। FCRA 2.0 को एक उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया गया है, जिससे आवेदन, नवीनीकरण, निगरानी और दस्तावेजी प्रक्रिया को ऑनलाइन और अधिक पारदर्शी बनाया जा सके।

विदेशी फंडिंग पर बढ़ेगी निगरानी

सरकार का मानना है कि नई प्रणाली के माध्यम से विदेशी फंड के उपयोग और उसके स्रोतों की बेहतर निगरानी संभव होगी। इससे नियमों के पालन में पारदर्शिता आएगी और अनियमितताओं पर नजर रखना आसान होगा। इसके अलावा, संस्थाओं को भी डिजिटल माध्यम से आवेदन और अन्य प्रक्रियाएं पूरी करने में सुविधा मिलेगी।

e-OCI सिस्टम क्या है

e-OCI प्रणाली विदेशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों से जुड़ी सेवाओं को डिजिटल बनाने की पहल है। इससे ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारकों को विभिन्न सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से आवेदन प्रक्रिया तेज होगी और दस्तावेजों के प्रबंधन में भी आसानी आएगी।

अमित शाह ने क्या कहा

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सरकार तकनीक के माध्यम से प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म से नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और प्रक्रियाओं में समय की बचत होगी।

FCRA 2.0 और e-OCI सिस्टम का शुभारंभ सरकार की डिजिटल प्रशासन और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एक ओर इससे विदेशी फंडिंग की निगरानी मजबूत होगी, वहीं दूसरी ओर प्रवासी भारतीयों से जुड़ी सेवाएं भी अधिक सरल और आधुनिक बन सकेंगी।

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