FCRA Amendment Bill 2026:विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) में प्रस्तावित संशोधन को लेकर विपक्षी दलों के बीच एकराय बनती नजर नहीं आ रही है। FCRA संशोधन बिल 2026 पर कांग्रेस ने इसे पूरी तरह वापस लेने की मांग की है, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC), द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और बीजू जनता दल (BJD) इसे संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजने के पक्ष में हैं। ऐसे में सरकार के सामने विपक्ष के साथ सहमति बनाने की चुनौती बनी हुई है।
कांग्रेस का सबसे सख्त रुख
FCRA बिल को लेकर कांग्रेस का रुख फिलहाल विपक्षी दलों में सबसे सख्त बताया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि प्रस्तावित बदलावों को आगे बढ़ाने के बजाय सरकार को बिल ही वापस लेना चाहिए। विपक्षी दलों के बीच हुई चर्चाओं में भी इस मुद्दे पर अलग-अलग राय सामने आई। कांग्रेस जहां सीधे वापसी की मांग पर कायम है, वहीं कुछ दलों ने विधेयक की विस्तृत जांच के लिए इसे JPC के पास भेजने का रास्ता सुझाया है।
TMC, DMK और BJD की JPC की मांग
तृणमूल कांग्रेस, DMK और BJD ने FCRA संशोधन विधेयक को JPC के पास भेजने की मांग की है। TMC ने राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) में भी इस मुद्दे को उठाया था। हालांकि, पार्टी के रुख में बाद में कुछ बदलाव देखने को मिला और उसने विधेयक को JPC के पास भेजने की मांग पर जोर दिया। इसका मतलब है कि विपक्ष के भीतर बिल को लेकर रणनीति पूरी तरह एक जैसी नहीं है।
सुप्रिया सुले ने भी उठाई मांग
NCP (SP) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने भी केंद्र सरकार से FCRA बिल को वापस लेने या फिर इसे JPC के पास भेजने की मांग की है। उनका कहना है कि विदेशी फंडिंग से जुड़े नियमों में बदलाव जैसे महत्वपूर्ण विषय पर व्यापक चर्चा और जांच जरूरी है। इससे स्पष्ट है कि विपक्ष के कई दल बिल के मौजूदा स्वरूप को लेकर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन इसे लेकर उनकी रणनीति अलग-अलग है।
सरकार के सामने सहमति बनाने की चुनौती
सोमवार को हुई BAC की बैठक में FCRA संशोधन बिल और प्रस्तावित परिसीमन विधेयक एजेंडे में शामिल नहीं थे। ऐसे में अब सरकार के सामने विधेयक को आगे बढ़ाने से पहले विपक्षी दलों के साथ सहमति बनाने की चुनौती है। वहीं, विपक्षी एकजुटता में मतभेद सामने आने से इस मुद्दे पर राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है। कांग्रेस की वापसी की मांग और अन्य दलों की JPC की मांग के बीच संसद में विधेयक पर आगे की रणनीति महत्वपूर्ण होगी।
FCRA संशोधन बिल 2026 को लेकर विपक्षी दलों के बीच मतभेद साफ दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस जहां बिल की वापसी चाहती है, वहीं TMC, DMK और BJD जैसे दल JPC जांच के पक्ष में हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस अलग-अलग राय के बीच किस तरह आगे बढ़ती है और विधेयक को लेकर संसद में क्या रुख अपनाया जाता है।
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