France Heatwave 2026 Deaths: फ्रांस में 2026 की भीषण गर्मी ने स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फ्रांस पब्लिक हेल्थ एजेंसी के अनुसार, 17 जून से 2 जुलाई के बीच 21,674 लोगों की मौत हुई, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में करीब 15,910 मौतें होती हैं। यानी इस बार 5,764 अतिरिक्त मौतें दर्ज हुईं। कुल मौतों में करीब 36% की वृद्धि हुई।
बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा असर
अधिकारियों के मुताबिक, हर मौत सीधे गर्मी के कारण नहीं हुई। अत्यधिक तापमान ने पहले से बीमार लोगों की स्थिति बिगाड़कर मृत्यु का जोखिम बढ़ाया। अतिरिक्त मौतों में करीब दो-तिहाई लोग 75 वर्ष या उससे अधिक उम्र के थे। लगभग आधी मौतें अस्पतालों में हुईं, जबकि कई मौतें नर्सिंग होम और घरों में भी दर्ज हुईं। पेरिस और आसपास के क्षेत्रों में करीब 2,000 अतिरिक्त मौतें हुईं।
शरीर पर पड़ता है गंभीर असर
अत्यधिक गर्मी से डिहाइड्रेशन हो सकता है और दिल, फेफड़ों व किडनी पर दबाव बढ़ सकता है। पहले से बीमार लोगों के लिए इसका खतरा और अधिक होता है। इस दौरान अस्पतालों और देखभाल केंद्रों पर भी दबाव बढ़ा।
जलवायु परिवर्तन बढ़ा रहा खतरा
शुरुआती अनुमान के मुकाबले बाद के आंकड़ों में हीटवेव का असर अधिक गंभीर सामने आया। वैज्ञानिकों के अनुसार, क्लाइमेट चेंज के कारण यूरोप में हीटवेव अधिक बार और लंबे समय तक आ रही हैं। 2003 की यूरोपीय हीटवेव में 70 हजार से अधिक मौतों का अनुमान था। 2026 की घटना दिखाती है कि गर्मी अब सिर्फ मौसमी घटना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य संकट है। इससे निपटने के लिए बेहतर तैयारी, समय पर अलर्ट और जन-जागरूकता जरूरी है।
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