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ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध से कई देशों में गहराया ईंधन संकट, जापान ने रिजर्व ऑयल से शुरू की निकासी

Japan oil reserve release: जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने बुधवार को घोषणा की कि देश 16 मार्च से अपने तेल भंडार का हिस्सा जारी करना शुरू करेगा। यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल और गैस परिवहन में आई बाधाओं के कारण लिया गया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार निजी क्षेत्र के 15 दिनों के तेल भंडार और राज्य के एक महीने के तेल भंडार को उपयोग में लाने की योजना बना रही है, ताकि घरेलू आपूर्ति और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

होर्मुज जलडमरूमध्य में संकट

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बाधित हो गई है। 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद ड्रोन और मिसाइलों का आदान-प्रदान शुरू हुआ, जो अब भी जारी है। ईरान और उसके सहयोगियों ने प्रतिशोध स्वरूप जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है और वहां से गुजरने वाले किसी भी जहाज पर हमले की चेतावनी दी है।

तेहरान ने सऊदी अरब, कतर, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात में लक्ष्यों को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की है। इस क्षेत्र के माध्यम से दुनिया के लगभग एक-पांचवें तेल का परिवहन होता है। जलडमरूमध्य में यह अवरोध ऊर्जा आपूर्ति में सबसे बड़ा व्यवधान माना जा रहा है, जो 1970 के दशक के तेल संकट के बाद का सबसे गंभीर संकट है।

वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर

होर्मुज जलडमरूमध्य की बंदिश और ईरानी हमलों से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर तुरंत असर पड़ा है। तेल की कीमतों में तेजी आई है और कई देशों ने आपातकालीन उपाय अपनाने शुरू कर दिए हैं। जापान का यह कदम भी इसी दिशा में उठाया गया है ताकि देश की ऊर्जा जरूरतें प्रभावित न हों और घरेलू आपूर्ति बनी रहे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जलडमरूमध्य पर अवरोध जारी रहा, तो वैश्विक तेल आपूर्ति में लंबी अवधि तक गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है। इस संकट का सीधा असर खाड़ी देशों और उनके साथ व्यापारिक रिश्तों पर भी पड़ रहा है।

जापान की रणनीति

प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने स्पष्ट किया कि जारी किया जाने वाला तेल भंडार देश की आपूर्ति को स्थिर रखने और ऊर्जा संकट से निपटने के लिए एक अस्थायी उपाय है। निजी क्षेत्र के 15 दिनों के भंडार और राज्य के एक महीने के भंडार का उपयोग कर जापान घरेलू उद्योग और नागरिकों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगा।

यह कदम वैश्विक तेल बाजार में आपूर्ति को संतुलित करने और संभावित अस्थिरता को रोकने का एक प्रयास भी है। जापान सरकार ने यह संकेत दिया है कि वह ऊर्जा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और आवश्यकतानुसार भविष्य में और कदम उठाए जा सकते हैं।

Yas Pal

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