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तुम्हारा छह, मेरा नौ… ये नजरिए की बात, रोबोडॉग विवाद पर बोलीं गलगोटिया की प्रोफेसर नेहा सिंह

Galgotias robot dog clarification: इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर दिखाए गए रोबोटिक कुत्ते को लेकर उठा विवाद अभी थमा नहीं था कि अब प्रोफेसर नेहा सिंह ने खुद सामने आकर स्थिति स्पष्ट की है। वायरल वीडियो सामने आने के एक दिन बाद उन्होंने माना कि उनकी बात सही तरीके से व्यक्त नहीं हो पाई और इससे गलतफहमी पैदा हो गई।

नेहा सिंह ने कहा कि यह विवाद किसी झूठे दावे की वजह से नहीं बल्कि जल्दबाजी और कार्यक्रम के उत्साह में हुई संचार की कमी के कारण हुआ। उनके मुताबिक वे अपनी बात और स्पष्ट तरीके से रख सकती थीं और जिस तरह बयान को समझा गया, उस पर उन्हें खेद है। उन्होंने कहा कि आपका छह और मेरा नौ ये सिर्फ एक नजरिए की बात है।

रोबोट हमारा आविष्कार नहीं, पढ़ाई का माध्यम है

विवाद तब शुरू हुआ जब एक वीडियो क्लिप में नेहा सिंह स्टॉल पर मौजूद “ओरियन” नाम के रोबोट डॉग के बारे में बताते हुए उसे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की उपलब्धि बता रही थीं। बाद में ऑनलाइन यूजर्स ने इसे चीनी कंपनी यूनिट्री रोबोटिक्स के बने चौपाया रोबोट से मिलता-जुलता बताया।

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नेहा सिंह ने स्पष्ट किया कि यह रोबोट यूनिवर्सिटी ने खरीदा था और इसे छात्रों को प्रैक्टिकल प्रशिक्षण देने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। उनका कहना है कि संस्थान किसी ऐसी तकनीक पर अपना अधिकार नहीं जता सकता जिसे उसने बनाया ही न हो, क्योंकि यह शैक्षणिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी बताया कि रोबोट को खुले तौर पर प्रदर्शन और प्रयोग के लिए रखा गया था, इसमें कोई गोपनीयता नहीं थी।

विकसित शब्द का मतलब गलत समझा गया

प्रोफेसर ने कहा कि जब उन्होंने पहले “विकसित” शब्द का इस्तेमाल किया था तो उनका आशय मशीन बनाने से नहीं बल्कि छात्रों के सीखने और प्रयोग की प्रक्रिया से था। प्रोफेसर के अनुसार छात्र ऐसी तकनीकों का अध्ययन करते हैं, प्रयोग करते हैं और आगे चलकर अपने इनोवेशन तैयार करते हैं। इसलिए रोबोट को सीखने के प्लेटफॉर्म के रूप में पेश किया गया था।

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सोशल मीडिया प्रतिक्रिया पर भी दिया जवाब

यह सवाल उठने पर कि सफाई सोशल मीडिया आलोचना के बाद ही क्यों आई, नेहा सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय किसी भी स्थिति में भ्रम दूर करता। उनका कहना था कि संस्थान उस चीज का श्रेय नहीं ले सकता जिसे छात्रों या संस्थान ने तैयार नहीं किया है और पारदर्शिता उसके मूल सिद्धांतों में शामिल है। उन्होंने पूरे विवाद को अलग-अलग व्याख्याओं का परिणाम बताया।

अब रोबोट डॉग कहां है?

स्टॉल से रोबोट हटाने को लेकर चल रही चर्चा के बीच उन्होंने बताया कि मशीन को वापस विश्वविद्यालय की प्रयोगशाला में भेज दिया गया है। वहां छात्र इसके जरिए रिसर्च, परीक्षण और विभिन्न एआई प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे। उन्होंने यह भी अपील की कि लोगों को केवल विवाद पर नहीं बल्कि छात्रों द्वारा बनाए गए एआई एप्लिकेशन और शोध कार्यों पर भी ध्यान देना चाहिए, जिन्हें समिट में प्रदर्शित किया गया था।

Anamika Anand

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