Government onion stock: प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार बफर स्टॉक का इस्तेमाल करती है, लेकिन इस बार यही स्टॉक चिंता बढ़ा रहा है। केंद्र की एजेंसियों NAFED और NCCF ने करीब 1.20 लाख टन प्याज खरीदा था, जिसमें लगभग 30 फीसदी प्याज सड़ने और अंकुर निकलने से खराब हो चुका है। हालात ऐसे हैं कि इस साल भंडारण के दौरान प्याज खराब होने का आंकड़ा सामान्य 20 फीसदी से बढ़कर 40 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है।
बेमौसम बारिश से प्याज की गुणवत्ता गिरी
NAFED के अधिकारी के मुताबिक, कटाई के समय हुई बेमौसम बारिश से प्याज में नमी बढ़ गई, जिससे उसकी शेल्फ लाइफ कम हो गई। आमतौर पर बफर स्टॉक का करीब 20% प्याज खराब होता है, लेकिन इस साल यह आंकड़ा 40% तक पहुंचने का खतरा है। इससे कीमतें नियंत्रित करने के लिए बाजार में आने वाला स्टॉक घट सकता है।
सितंबर में बढ़ सकती है किल्लत
आमतौर पर किसान सितंबर से स्टोरेज का प्याज बाजार में निकालते हैं, लेकिन इस साल जून-जुलाई में ही बड़ी मात्रा में बिक्री हो गई। प्याज खराब होने के डर और मंडियों में बेहतर दाम मिलने से किसानों ने जल्दी स्टॉक बेच दिया। इससे सितंबर-अक्टूबर में बाजार में प्याज की उपलब्धता घटने का खतरा है।

