Guatemala: ग्वाटेमाला से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां 15 वर्षीय लड़की को मृत समझकर उसका अंतिम संस्कार करने की तैयारी की जा रही थी। परिवार के लोग शोक में डूबे थे, लेकिन इसी दौरान ताबूत में रखी लड़की अचानक हरकत करने लगी और उठकर बैठ गई। यह देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। हालांकि, लड़की की मौत की चिकित्सकीय पुष्टि होने का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है।
द मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, 11 अक्टूबर को यूलिडी इक्सकोतोयाक की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। उनके पिता अब्राहम उन्हें अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उनकी हालत और बिगड़ गई। पेशे से पादरी अब्राहम ने बताया कि सैन पेड्रो जोकोपिलास पहुंचने से पहले उनकी बेटी बेहोश हो गई थी। उन्होंने गाड़ी रोककर जांच की तो उन्हें बेटी की सांसें और नब्ज चलती महसूस नहीं हुईं। पिता को लगा कि बेटी की मौत हो चुकी है। इसके बाद वह अस्पताल जाने के बजाय ताबूत और अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने लगे। हालांकि, किसी डॉक्टर द्वारा यूलिडी को मृत घोषित किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
ग्वाटेमाला के क्विचे क्षेत्र के एल जोकोते गांव में यूलिडी के लिए शोकसभा आयोजित की गई थी। परिवार और रिश्तेदार अंतिम विदाई देने के लिए इकट्ठा हुए थे। यूलिडी की मां लेस्बिया डी रियोस के अनुसार, जब वह ताबूत के पास रो रही थीं, तभी उन्हें बेटी के शरीर में हलचल महसूस हुई।
उन्होंने ताबूत की खिड़की खोली तो यूलिडी हिल रही थीं। कुछ ही देर में वह होश में आने लगीं और उठकर बैठ गईं। लेस्बिया ने स्थानीय अखबार प्रेंसा लिब्रे को बताया कि उन्हें शुरू से विश्वास था कि उनकी बेटी जिंदा है। ताबूत में लाए जाने के बाद भी उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी थी।
होश में आने के बाद यूलिडी ने बताया कि बेहोश होने से पहले उनके सीने में तेज दर्द हुआ था। उन्हें ऐसा महसूस हो रहा था जैसे दिल पर भारी दबाव पड़ रहा हो। इसके बाद वह बेहोश हो गई थीं। यूलिडी ने इस घटना को चमत्कार बताते हुए भगवान का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने बाद में उनसे कहा था कि वह उन्हें अस्पताल तक नहीं पहुंचा पाए थे।
इस घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या यूलिडी की वास्तव में मौत हुई थी? उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया था। यूलिडी की मेडिकल जांच भी नहीं हुई थी, जिससे उनकी हालत का वास्तविक कारण पता चल सके।
संभव है कि बेहोशी या किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या के कारण उनकी सांसें और नब्ज परिवार को महसूस नहीं हुई हों। हालांकि, चिकित्सकीय जांच के बिना इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती। ऐसे में यह दावा करना सही नहीं होगा कि यूलिडी मौत के बाद दोबारा जिंदा हुई थीं। फिलहाल, घटना की वास्तविक वजह जानने के लिए मेडिकल जांच और स्वास्थ्य अधिकारियों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
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