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गुजरात में मानसून की रफ्तार सुस्त, 76 फीसदी कम बारिश से बढ़ी चिंता

by | Jun 23, 2026 | Others, गुजरात

Gujarat Weather Update: गुजरात में मानसून की धीमी रफ्तार ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राज्य के कई हिस्सों में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे गर्मी और उमस का असर लगातार बना हुआ है। मौसम से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, कई क्षेत्रों में औसत के मुकाबले वर्षा में भारी कमी देखी जा रही है। बारिश की कमी का असर केवल मौसम तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि, जल भंडारण और दैनिक जीवन पर भी इसका प्रभाव पड़ने लगा है। किसान से लेकर आम लोग तक अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

76 फीसदी कम बारिश ने बढ़ाई चिंता

राज्य के कई जिलों में सामान्य वर्षा की तुलना में काफी कम बारिश दर्ज की गई है। मानसून की कमजोर गतिविधियों के कारण कई इलाकों में बादल तो छाए, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं हो सकी। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश में आई कमी से जल स्रोतों और खेती पर असर पड़ सकता है। यदि आने वाले दिनों में अच्छी वर्षा नहीं होती है तो किसानों की चिंता और बढ़ सकती है।

गर्मी और उमस से लोग परेशान

बारिश की कमी के कारण तापमान और उमस दोनों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दिन के समय तेज धूप और रात में गर्म हवाओं के कारण लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। शहरी क्षेत्रों में गर्मी का असर अधिक दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो रही है और लोग घरों के अंदर रहने को मजबूर हैं।

किसानों की बढ़ी चिंता

गुजरात के कई हिस्सों में किसान मानसून पर निर्भर रहते हैं। समय पर बारिश नहीं होने से बुवाई कार्य प्रभावित हो सकता है। खेतों में नमी की कमी के कारण फसलों की तैयारी भी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द अच्छी बारिश होती है तो स्थिति में सुधार आ सकता है, लेकिन लगातार देरी किसानों के लिए चुनौती बन सकती है।

जल स्तर और जलापूर्ति पर असर

बारिश कम होने से जलाशयों, तालाबों और बांधों के जल स्तर पर भी असर पड़ सकता है। यदि मानसून की स्थिति कमजोर बनी रहती है तो कुछ क्षेत्रों में जल संकट की आशंका भी बढ़ सकती है। प्रशासन जल संसाधनों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।

आगे क्या है उम्मीद

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। यदि अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं तो कई क्षेत्रों में बारिश की संभावना बढ़ सकती है। फिलहाल राज्य के लोग अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, ताकि गर्मी से राहत मिल सके और खेती-किसानी से जुड़े कार्यों को गति मिल सके।

गुजरात में सामान्य से कम बारिश और लगातार गर्मी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश में आई कमी का असर मौसम, खेती और जल संसाधनों पर दिखाई देने लगा है। अब सभी की नजर आगामी दिनों के मौसम अपडेट और मानसून की गतिविधियों पर टिकी हुई है।

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