Hassan Residential School: हर बच्चे का सपना होता है कि उसे पढ़ाई के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल मिले, लेकिन कर्नाटक के हासन में 172 छात्र-छात्राओं की स्थिति इस उम्मीद से बिल्कुल अलग है। हासन तालुक के शांतिग्राम स्थित डॉ. बीआर आंबेडकर आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को कथित तौर पर पिछले करीब पांच वर्षों से गौशाला जैसे भवन में रहने और पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्कूल की बदहाल व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस आवासीय विद्यालय में कक्षा 6 से 10 तक के कुल 172 विद्यार्थी पढ़ते हैं। इनमें 92 छात्र और 80 छात्राएं शामिल हैं। आरोप है कि स्कूल में पर्याप्त कक्षाएं और अन्य सुविधाएं नहीं होने के कारण बच्चों को एक ही परिसर में पढ़ाई करने, खाना खाने और सोने की व्यवस्था के साथ रहना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि स्कूल की इमारत की हालत खराब है। कक्षा 6 के छात्रों को कथित तौर पर फर्श पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई और उनके लिए उपलब्ध सुविधाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है।
स्कूल परिसर में स्वच्छता और शौचालय की सुविधा को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, 92 छात्रों के लिए केवल पांच शौचालय उपलब्ध हैं। वहीं, छात्राओं के लिए भी पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं नहीं होने की बात सामने आई है। इसके अलावा, जिस भवन में बच्चे रह रहे हैं, वहां प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने का आरोप है। ऐसे माहौल में लंबे समय से बच्चों के रहने और पढ़ाई करने को लेकर अभिभावकों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।
आरोप है कि विद्यार्थियों को पिछले करीब पांच वर्षों से इसी तरह की परिस्थितियों में रहना पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर मामला सामने आने के बाद स्कूल की व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, सामाजिक कल्याण विभाग का कहना है कि विद्यार्थियों के लिए नए स्कूल भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल वैकल्पिक भवन उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चों को इसी परिसर में रखने की व्यवस्था की गई है।
मामला सामने आने के बाद प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों से स्कूल की वर्तमान स्थिति और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी देने को कहा गया है। अब यह देखना होगा कि रिपोर्ट में स्कूल की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है और बच्चों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर प्रशासन क्या कदम उठाता है।
पांच वर्षों से पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलने के आरोप ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आवासीय विद्यालय में रहने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित भवन, स्वच्छता, पर्याप्त शौचालय और पढ़ाई का उचित माहौल उपलब्ध कराना जरूरी है। हासन के इस आवासीय विद्यालय की स्थिति ने बच्चों की शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है। नए भवन का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन बच्चों को बेहतर और सुरक्षित माहौल कब मिलेगा, यह अब सबसे बड़ा सवाल है।
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