Fuel Supply Panel पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने दिल्ली में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। समिति का उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी में ईंधन वितरण की स्थिति पर लगातार नजर रखना और किसी भी संभावित बाधा से तुरंत निपटना है।
सरकार द्वारा गठित इस समिति में विदेश मंत्री एस जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी शामिल हैं। यह निर्णय गुरुवार, 12 मार्च को लिया गया। समिति को वास्तविक समय में ईंधन की उपलब्धता, वितरण और आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।
सरकार का यह कदम उस समय सामने आया जब ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज कनाल के आसपास तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंकाएं जताई जा रही थीं। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
इस निर्णय से पहले दिल्ली के मुख्य सचिव राजीव वर्मा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई थी। इस बैठक में तेल कंपनियों, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड, दिल्ली पुलिस और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है। हालांकि एहतियात के तौर पर घरेलू एलपीजी की बुकिंग अवधि को बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। इसके अलावा घरेलू पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति को आवश्यक क्षेत्रों के लिए प्राथमिकता देने का भी फैसला किया गया है।
दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ईंधन की कोई वास्तविक कमी नहीं है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। फिर भी किसी भी तरह की जमाखोरी, चोरी या कालाबाजारी को रोकने के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
समिति के कार्यक्षेत्र में रोजाना स्टॉक की जांच, आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी और ईंधन का समान वितरण सुनिश्चित करना शामिल है। इसके साथ ही औद्योगिक गैस की आपूर्ति को लगभग 80 प्रतिशत तक बहाल करने का लक्ष्य भी रखा गया है।
सरकार का मानना है कि यह पहल राजधानी में संभावित अफवाहों और घबराहट में होने वाली खरीदारी को रोकने में मदद करेगी। अधिकारियों के अनुसार तेल विपणन कंपनियों ने भी पर्याप्त भंडार होने की पुष्टि की है और घरेलू उपभोक्ताओं को 2 से 3 दिनों के भीतर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।
यह समिति नियमित रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्थिति की जानकारी भी देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की निगरानी व्यवस्था से न केवल दिल्ली की अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने में मदद मिलेगी, बल्कि वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच जनता में भरोसा भी बना रहेगा।
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