Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में लगातार भारी बारिश के बीच मौसम विभाग के रेड अलर्ट का असर दिखने लगा है। मंगलवार को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में सभी स्कूल-कॉलेज बंद रहे। वहीं, शिमला के ठियोग, चंबा के सलूणी और कुल्लू के निरमंड में भी बारिश के चलते शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए। कई इलाकों में भूस्खलन से सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है।
NH-5 पर यातायात ठप
किन्नौर में भूस्खलन के कारण NH-5 (पुराना हिंदुस्तान-तिब्बत रोड) पर यातायात रोक दिया गया। शलखर के पास मलबा आने और समदो के पास चट्टानें गिरने से रास्ता बंद हुआ। इसके चलते काजा, स्पीति, पूह और रिकांग पिओ के बीच यातायात ठप है। प्रशासन ने लोगों से केवल बेहद जरूरी होने पर यात्रा करने की अपील की है।
नूरपुर-लाहरू, चुवाड़ी-डलहौजी, शाहपुर-सिहुंता-चुवाड़ी और NH-154A चक्की मार्ग समेत कई सड़कें बंद हैं। सोमवार शाम सबसे ज्यादा 136.4 मिमी बारिश पालमपुर में हुई। ददाहू में 105.6, जत्तों बैराज में 103.6, पांवटा साहिब में 79.8, नाहन में 79.2, धर्मशाला में 75.4 और भटियात में 71 मिमी बारिश दर्ज हुई। कांगड़ा, पच्छाद, संगड़ाह और धौलाकुआं में 60-68 मिमी बारिश हुई।
36 सड़कें बंद, फ्लैश फ्लड का खतरा
IMD ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर में बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश और फ्लैश फ्लड की चेतावनी दी है। 115.6-204.5 मिमी बारिश को बहुत भारी और 204.5 मिमी से अधिक को अत्यंत भारी बारिश माना जाता है।
राज्य आपातकालीन केंद्र के अनुसार, 36 सड़कें, 43 पेयजल योजनाएं और 5 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हैं। इनमें मंडी की 11 और चंबा की 10 सड़कें शामिल हैं। जिलाधिकारियों को 24 घंटे आपात केंद्र सक्रिय रखने और भूस्खलन, फ्लैश फ्लड व बादल फटने वाले क्षेत्रों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने गैरजरूरी यात्रा से बचने और नदियों, नालों, भूस्खलन संभावित ढलानों, उफनते पुलों व जलभराव वाली सड़कों से दूर रहने को कहा है। आपात स्थिति में राज्य हेल्पलाइन 1070 या जिला हेल्पलाइन 1077 पर संपर्क करने और केवल आधिकारिक एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है।
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