Explainer

उड़ता यमराज! कैसे दुश्मनों के लिए काल बनेंगे 114 राफेल जेट्स? आइए जानते हैं एक नजर में

Rafale Deal फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों तीन दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे हैं. वह सोमवार की रात को मुंबई में उतरे. इसके अगले दिन मंगलवार को उन्हें मुंबई की सड़कों पर जॉगिंग करते देखा गया. इमैनुएल मैक्रों तीन दिवसीय दौरे के दौरान कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. इसके अलावा एक सबसे बड़ी राफेल डील पर मुहर लगने की संभावना है. भारत फ्रांस से 114 राफेल खरीदने पर विचार कर रहा है. इस डील को पिछले हफ्ते भारत सरकार ने मंजूरी दे दी थी.

आईए जानते हैं क्या है राफेल डील? 114 राफेल से भारत को क्या होगा फायदा? किन-किन मोर्चों पर होगी इनकी तैनाती और कब तक मिलेगी पहली खेप? आईए एक नजर डालते हैं पूरी टाइमलाइन पर...

कब खरीदे गए थे 36 राफेल?

भारत और फ्रांस के बीच 23 सितंबर 2016 को 36 राफेल लड़ाकू विमानों की ऐतिहासिक डील फाइनल हुई थी। इस अंतर-सरकारी समझौते (IGA) पर हस्ताक्षर के समय इन विमानों की कुल कीमत करीब 7.87 बिलियन यूरो (करीब ₹59,000 करोड़ से अधिक) थी। इसमें 28 सिंगल सीटर और 8 ट्विन सीटर विमान के सौदे पर मुहर लगी थी.

भारत को कब मिला पहला राफेल जेट?

भारत को पहला राफेल फाइटर जेट 8 अक्टूबर 2019 को फ्रांस में आधिकारिक तौर पर सौंपा गया था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पेरिस में यह पहला विमान (RB-01) प्राप्त किया था। हालांकि, राफेल का पहला बैच भारत में 29 जुलाई 2020 को अंबाला एयरबेस पर पहुंचा और 10 सितंबर 2020 को अंबाला में आधिकारिक रूप से राफेल को वायुसेना में शामिल (इंडक्ट) किया गया। राफेल के पहले बैच को 17 स्क्वाड्रन गोल्डन एरो के हिस्से के रूप में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात किया गया था।

करीब 10 साल बाद फिर राफेल सौदे पर चर्चा

2016 के बाद अब एक बार फिर राफेल सौदा चर्चा में है. दरअसल, भारत और फ्रांस के बीच 114 राफेल विमानों की खरीद पर चर्चा चल रही है। इसी सिलसिले में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत पहुंचे हैं. अगर इस डील पर मुहर लगती है तो यह सबसे बड़ी डील होगी. दरअसल, 114 राफेल विमानों के सौदे की कीमत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है. जोकि पाकिस्तान के कुल बजट का करीब आधा हिस्सा है।

ये भी पढ़ेंः मेक्रों संग सांझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में PM मोदी ने फ्रांस को बताया स्पेशल पार्टनर, कहा- भारत बनाएगा एवरेस्ट तक उड़ने वाले हेलीकॉप्टर

145 राफेल का बेड़ा

अगर यह डील फाइनल हुई तो भारत के पास कुल 145 राफेल फाइटर जेट का बड़ा बेड़ा होगा. इससे भारत दुनिया की सबसे खतरनाक हवाई ताकतों में से एक बन जाएगा. यह कदम न केवल चीन की विस्तारवादी नीतियों पर लगाम लगाए, बल्कि हिंद महासागर में भारत की ‘नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर’ की भूमिका को भी अभेद्य किला बना देगा.

क्यों है एडवांस फाइटर जेट की जरूरत

भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन की संख्या लगातार घटती जा रही है। फिलहाल भारतीय वायुसेना में 31 स्क्वाड्रन हैं, जोकि 42 स्क्वाड्रन से करीब 11 स्क्वाड्रन कम हैं. प्रत्येक स्क्वाड्रन में करीब 18-24 फाइटर जेट्स होते हैं. हाल ही में भारत ने Mig-21 को रिटायर कर दिया है, जिससे भारतीय वायुसेना में विमानों की संख्या में और कमी आई है। अब इन विमानों की पूर्ति और स्क्वाड्रन बढ़ाने के लिए वायुसेना को नए और एडवांस फाइटर जेट्स की जरूरत हैं क्योंकि भारत के सामने चीन और पाकिस्तान जैसी तो बड़ी चुनौती हैं।

ऑपरेशन सिंदूर में निभाई अहम भूमिका

पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान में बैठे आतंकवादियों को मिटाने के लिए ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया. इस दौरान राफेल फाइटर जेट ने भारत को बड़ी बढ़त दिलाई और पाकिस्तान के अंदर कई एयरबेस को तबाह कर दिया. ऑपरेशन सिंदूर में भारत की मार के बाद पाकिस्तान घुटनों के बल आ गया और सीजफायर के लिए गिड़गिड़ाने लगा. भारत ने भी सीजफायर करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने अपनी रक्षा तैयारियों को और तेज किया है. हाल ही में 1 फरवरी को पेश हुए आम बजट में भारत सरकार ने रक्षा विभाग को 6 लाख करोड़ से अधिक का बजट आवंटित किया है. इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारत सरकार सीमाओं की सुरक्षा के लिए कितनी प्रतिबद्ध है. भारत डिफेस को लगातार मजबूत कर रहा है, जिससे आने वाले समय में पाकिस्तान और चीन जैसे देशों से निपटा जा सके.

ये भी पढ़ेंः मुंबई में पीएम मोदी- इमैनुएल मैक्रों की मुलाकात, एआई इंपैक्ट समिट और राफेल फाइटर जेट समेत किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

भारत के सामने ट्रिपल चुनौती

भारत के सामने पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश तीन बड़ी चुनौती हैं. चीन अपनी विस्तारवादी नीतियों के कारण लगातार भारत में घुसपैठ की कोशिश करता रहा है. वहीं पाकिस्तान आंतकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देता रहा है. इसके अलावा बांग्लादेश भी हाल के दिनों में पाकिस्तान और चीन के सुर में सुर मिलाते नजर आया है.

114 राफेल से मिलेगी वायुसेना को ताकत

अगर भारत और फ्रांस के बीच 114 विमानों की डील पर सहमति बनती है तो इससे भारतीय वायुसेना को मजबूती मिलेगी. 114 विमानों से करीब 6 स्क्वाड्रन बनेगी. जिन्हें अलग-अलग मोर्चों पर तैनात किया जा सकेगा. इसके अलावा करीब 30 मरीन राफेल विमानों को लेकर भी बातचीत चल रही है.

राफेल विमान की स्ट्रेंथ

राफेल एक 4.5 जेनरेशन का ट्विन-इंजन ओम्नी-रोल क्षमता वाला फाइटर जेट है. यह अपनी जबरदस्त सटीक मारक क्षमता, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और लंबी दूरी की मिसाइलों के लिए जाना जाता है। इसमें लगे मेटियोर और स्कैल्प मिसाइलें इसे हवा से हवा और जमीन पर अचूक हमले करने में सक्षम बनाती हैं। यह कठिन मौसम और ऊंचाई पर भी बेहतर प्रदर्शन करता है। यह फाइटर जेट चीन के J 20 और अमेरिका के F-16 को मात देता है.

राफेल में क्या है खास

राफेल की स्पीडः राफेल फाइटर जेट की अधिकतम गति 1.8 मैक यानी 2,222 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ने की क्षमता रखता है। यह विमान 50,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है.

रेंज: एक बार उड़ान भरने के बाद 3,700 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकता है। इसमें दो शक्तिशाली SNECMA M88 इंजन लगे हैं. यह फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट द्वारा निर्मित एक 4.5 जनरेशन का फाइटर जेट है.

ओम्नी-रोल क्षमता: यह एक ही उड़ान में कई भूमिकाएं (जैसे- एयर डिफेंस, ग्राउंड अटैक, परमाणु हमला, टोही) निभाने में सक्षम है।

घातक मिसाइल प्रणाली: इसमें 'बियॉन्ड विजुअल रेंज' (BVR) मेटियोर मिसाइल है, जो 100-150 किमी से अधिक की दूरी से दुश्मन को मार गिरा सकती है।

स्पेक्ट्रा सिस्टम: यह इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम है जो दुश्मन के रडार को जाम कर देता है, जिससे विमान को ट्रैक करना मुश्किल होता है।

भारत-विशिष्ट अपग्रेड्स: भारतीय राफेल में कोल्ड स्टार्ट क्षमता, इजरायली हेलमेट माउंटेड डिस्प्ले, और 10 घंटे तक के एक्स्ट्रा डेटा लॉगिंग जैसी सुविधाएं हैं।

कम रडार सिग्नेचर: इसका डिजाइन और सामग्री इसे दुश्मन के रडार की पकड़ में आने से बचाती है (सेमी-स्टेल्थ)।

उच्च पेलोड क्षमता: यह अपने वजन का डेढ़ गुना (लगभग 9 टन) वजन उठाकर लंबी दूरी तय कर सकता है।

Shagun Chaurasia

Recent Posts

लुधियाना में तेज रफ्तार Tiago EV ने 6 वाहनों को मारी टक्कर, 5 घायल

Ludhiana: लुधियाना की बहादुरके रोड पर गुरुवार, 24 सितंबर को तेज रफ्तार Tata Tiago EV…

2 hours ago

नेपाल में लगातार बारिश से बढ़ा गंडक का जलस्तर, नदी किनारे बसे गांवों में बढ़ी चिंता

Nepal Heavy Rain: नेपाल में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। नेपाल…

2 hours ago

RCB के कप्तान रजत पाटीदार को बड़ा सम्मान मिली मानद डॉक्टरेट की उपाधि

Rajat Patidar: रजत पाटीदार जल्द ही एक बार फिर मैदान पर नजर आएंगे। उन्हें ऑस्ट्रेलिया-ए…

3 hours ago

PM मोदी के साथ AI-मॉर्फ्ड तस्वीर पर दिल्ली HC का नोटिस, Dipke समेत अन्य से स्पष्टीकरण की मांग

Delhi HC CJP Deepfake Case: दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ…

3 hours ago

हांगझोउ के ब्रॉन्ज से नागोया के सिल्वर तक, गुलवीर सिंह ने फिर बढ़ाया भारत का मान

Gulveer Singh Silver: भारतीय धावक गुलवीर सिंह ने नागोया एशियन गेम्स में पुरुषों की 10,000…

3 hours ago

KBC में पहुंचे आतंकी कसाब को फांसी दिलाने वाले वकील, लगे भारत माता के नारे, अमिताभ बोले- दुश्मन की औकात

KBC 18 Ujjwal Nikam: कौन बनेगा करोड़पति’ सीजन 18 के इस वीकेंड एपिसोड में फिल्म…

3 hours ago