How US Presidents Are Protected: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में कथित चूक का मामला सामने आने के बाद एक बार फिर राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। वॉशिंगटन डीसी के एक होटल में हुए कार्यक्रम के दौरान गोलीबारी की घटना हुई, जहां ट्रंप के साथ मेलानिया ट्रंप और जेडी वेंस समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन इसने राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं जरूर बढ़ा दी हैं। आइए जानते हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा आखिर कैसे और किन एजेंसियों द्वारा की जाती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा दुनिया की सबसे हाई-टेक और सख्त व्यवस्थाओं में मानी जाती है। इसकी जिम्मेदारी यूनाइटेड स्टेट्स सीक्रेट सर्विस के पास होती है, जिसके 7,000 से ज्यादा एजेंट 24 घंटे निगरानी करते हैं। खास बात यह है कि डोनाल्ड ट्रंप जैसे राष्ट्रपतियों को पद छोड़ने के बाद भी आजीवन सुरक्षा मिलती है। सीक्रेट सर्विस सिर्फ राष्ट्रपति ही नहीं, बल्कि उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति-निर्वाचित, उनके करीबी परिवारों, पूर्व राष्ट्रपतियों और उनकी पत्नियों, पूर्व राष्ट्रपतियों के 16 साल तक के बच्चों, अमेरिका आने वाले विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और उनकी पत्नियों की भी सुरक्षा करती है।
यूनाइटेड स्टेट्स सीक्रेट सर्विस की कहानी सिर्फ सुरक्षा से नहीं, बल्कि जांच एजेंसी के तौर पर शुरू होती है। इसकी स्थापना 1865 में नकली अमेरिकी नोटों पर लगाम लगाने के लिए की गई थी। लेकिन 1901 में 25वें राष्ट्रपति विलियम मैककिनले की हत्या ने इसकी भूमिका पूरी तरह बदल दी। इसके बाद 1902 में इस एजेंसी को राष्ट्रपति की सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया और तब से यह अमेरिका की सबसे अहम सुरक्षा ढाल बन गई है। आज यह एजेंसी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के तहत काम करती है, जिसमें हजारों प्रशिक्षित कर्मी तैनात हैं। करीब 3,200 स्पेशल एजेंट, 1,300 यूनिफॉर्मड अधिकारी और 2,000 से ज्यादा तकनीकी व प्रशासनिक स्टाफ जो मिलकर 24x7 देश के सबसे शक्तिशाली पद की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा कई घेरों में होती हैं। सबसे बाहरी घेरा स्थानीय पुलिस और एजेंसियों का होता है, जबकि अंदरूनी घेरे में सीक्रेट सर्विस के प्रशिक्षित एजेंट्स तैनात रहते हैं। अमेरिका और अमेरिका से बाहर होने वाले हर कार्यक्रम के लिए एक खास प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है। अमेरिकी राष्ट्रपति दूसरे देश जाते हैं, तो एक सुरक्षा टीम पहले ही पहुंच जाती है। राष्ट्रपति की कार 'द बीस्ट' को भी विमान से ले जाया जाता है।
डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर बीते कुछ समय में कई गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 13 जुलाई 2024 को पेंसिल्वेनिया में एक चुनावी रैली के दौरान उन पर जानलेवा हमला हुआ, जिसमें गोली उनके दाहिने कान को छूते हुए निकल गई थी और यूनाइटेड स्टेट्स सीक्रेट सर्विस ने हमलावर को मौके पर ही मार गिराया। इसके बाद फरवरी 2026 में एक 21 वर्षीय शख्स को भी सीक्रेट सर्विस ने ढेर कर दिया, जब वह ट्रंप के मार-ए-लागो एस्टेट में घुसने की कोशिश कर रहा था। हालिया समय में व्हाइट हाउस में भी कई संदिग्धों द्वारा घुसपैठ की कोशिशें सामने आई हैं, जिससे राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर चिंताएं लगातार बनी हुई हैं।
IIT Bombay Student Death: IIT बॉम्बे के 20 वर्षीय BTech छात्र के माता-पिता ने मुंबई…
Rahul Gandhi Vote Chori Allegation: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को मुख्य…
AI E-Waste: दुनिया में AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग मशीनों…
Meerut: मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट के ध्वस्तीकरण से प्रभावित करीब 650 व्यापारियों को…
ECINet Voter Deletion Rollback: चुनाव आयोग ने India Today को बताया कि ECINet सिस्टम में…
CJP Gyanesh Kumar Resignation Demand: नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर Cockroach Janta Party (CJP)…