Hyderabad: हैदराबाद में खाद्य मिलावट के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में H-FAST (Hyderabad Food Adulteration Surveillance Team) और GHMC के फूड सेफ्टी विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर शहर की 13 मसाला ट्रेडिंग और प्रोसेसिंग यूनिट्स पर छापेमारी की। इस दौरान करीब 25,300 किलोग्राम (25 टन) मिलावटी मसाले जब्त किए गए और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के खिलाफ मैलारदेवपल्ली और बालापुर पुलिस स्टेशनों में कुल तीन आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।
मसालों में मिल रहे थे औद्योगिक रंग और कपड़ों की डाई
पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई लोगों से मिली विश्वसनीय शिकायतों के आधार पर की गई। जांच में सामने आया कि कुछ कारोबारी मसालों का रंग चमकदार बनाने, वजन बढ़ाने और अधिक मुनाफा कमाने के लिए सिंथेटिक फूड कलर, कपड़ों में इस्तेमाल होने वाली डाई, औद्योगिक परमानेंट रंग, टैल्कम पाउडर और राइस ब्रान ऑयल का इस्तेमाल कर रहे थे।
जांच में यह भी पता चला कि खराब और रिजेक्ट की गई सरसों को डाई, टैल्कम पाउडर और तेल के साथ मिलाकर दोबारा बाजार में बेचा जा रहा था। वहीं लौंग, शाही जीरा, अजवाइन और अन्य मसालों पर कृत्रिम रंग चढ़ाकर उन्हें आकर्षक बनाया जा रहा था।
क्या-क्या हुआ जब्त?
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 7,920 किलो अजवाइन, 6,700 किलो जीरा, 550 किलो लौंग, 2,280 किलो शाही जीरा, 540 किलो सौंफ, 4,960 किलो सरसों और 2,350 किलो जीरा डस्ट जब्त किया। इसके अलावा मसाला प्रोसेसिंग में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल और उपकरण भी कब्जे में लिए गए।
अधिकारियों ने 89 टन से अधिक कच्चा माल, जिसमें सरसों, मेथी और तिल के बीज शामिल हैं, भी बरामद किया। साथ ही सिंथेटिक रंग, शाइनिंग पाउडर, राइस ब्रान ऑयल और तीन रोलिंग मशीनें भी जब्त की गईं।
तीन आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल भाटी (काटेदान), विशाल पंवार (बेगम बाजार) और दुलीचंद कच्छावा के रूप में हुई है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस मिलावट नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं। फूड सेफ्टी विभाग ने सभी नमूने लैब जांच के लिए भेज दिए हैं। आरोपियों के खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 समेत अन्य कानूनों के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा, लोगों को दी गई चेतावनी
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि औद्योगिक रंग, कपड़ों की डाई और अन्य गैर-खाद्य रसायनों से मिलावटी मसालों का सेवन लीवर और किडनी को नुकसान, कैंसर का खतरा, पाचन संबंधी समस्याएं, एलर्जी, त्वचा रोग तथा तंत्रिका और प्रतिरक्षा प्रणाली पर गंभीर असर डाल सकता है।
140 दिनों में H-FAST की बड़ी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, H-FAST के गठन के 140 दिनों में टीम ने 659 छापेमारी, 202 एफआईआर दर्ज कर 246 टन मिलावटी खाद्य पदार्थ जब्त किए हैं। 232 मामलों को GHMC फूड सेफ्टी विभाग को सौंपा गया, जबकि 46 पनीर और 83 घी विक्रेताओं की भी जांच की गई।
टीम इससे पहले 27 टन मिलावटी अदरक-लहसुन पेस्ट, 12 टन सड़ा मांस, करीब 60 टन गलत तरीके से रखा गया पोल्ट्री वेस्ट, केमिकल से पकाए गए फल, मिलावटी अचार, चाय पाउडर, सिंथेटिक पनीर, दही, क्रीम और घी समेत कई खाद्य पदार्थ जब्त कर चुकी है।
यह अभियान टास्क फोर्स के डीसीपी गायकवाड़ वैभव रघुनाथ की निगरानी में H-FAST के इंस्पेक्टर रंजीत, अंजैया तथा सब-इंस्पेक्टर शंकर, कृष्णा और अखिल की टीम ने चलाया। पुलिस ने लोगों से केवल FSSAI लाइसेंस प्राप्त दुकानों से खाद्य सामग्री खरीदने, अत्यधिक चमकीले या बेहद सस्ते खुले मसालों से बचने और मिलावट की सूचना डायल-100 या H-FAST हेल्पलाइन पर देने की अपील की है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
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