ICAR Scholarship DBT: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की छात्रवृत्ति और फेलोशिप की राशि अब राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाई जाएगी। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को ICAR की छात्रवृत्ति और फेलोशिप के केंद्रीकृत वितरण के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली का शुभारंभ किया। नई दिल्ली स्थित पूसा संस्थान परिसर के बी.पी. पाल सभागार में आयोजित कार्यक्रम में इस व्यवस्था की शुरुआत की गई। इसके तहत पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और फेलोशिप की राशि राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।
केंद्रीकृत DBT प्रणाली शुरू करने का उद्देश्य छात्रवृत्ति और फेलोशिप के वितरण को अधिक पारदर्शी, सुगम, कुशल और समयबद्ध बनाना है। इससे वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थियों तक पहुंचेगी और राशि के वितरण की प्रक्रिया में जवाबदेही भी बढ़ेगी। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस पहल के लिए ICAR के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा में नवाचार, गुणवत्ता और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बदलती कृषि आवश्यकताओं के अनुरूप कृषि शिक्षा को और मजबूत एवं प्रासंगिक बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कृषि राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि विद्यार्थियों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना उनकी शिक्षा और अनुसंधान को बिना किसी बाधा के जारी रखने में महत्वपूर्ण सहयोग देगा। केंद्रीकृत DBT के जरिए छात्रवृत्ति और फेलोशिप की राशि समय पर मिलने से विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रखने में मदद मिलेगी।
ICAR के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ने कहा कि ICAR देश में कृषि शिक्षा को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कृषि एवं संबद्ध विज्ञानों में उच्च शिक्षा के लिए प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आकर्षित और प्रोत्साहित करने के साथ शिक्षण एवं अनुसंधान में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए ICAR विभिन्न स्तरों पर कई प्रकार की छात्रवृत्तियां और फेलोशिप देती है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के जरिए विद्यार्थियों को आर्थिक बाधाओं से मुक्त होकर अपनी शैक्षणिक आकांक्षाएं पूरी करने और कृषि एवं संबद्ध विज्ञानों के उभरते तथा प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। डॉ. जाट के मुताबिक, छात्रवृत्ति और फेलोशिप की धनराशि सीधे बैंक खातों में पहुंचने से वित्तीय सहायता समय पर मिलेगी। इससे पूरी व्यवस्था की दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग (DARE) के अतिरिक्त सचिव और ICAR के वित्त सलाहकार संदीप सरकार ने बताया कि शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में ICAR के माध्यम से प्रवेश पाने वाले स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएच.डी. स्तर के करीब 6,000 विद्यार्थी इस नई व्यवस्था से सीधे लाभान्वित होंगे। इन विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति या फेलोशिप स्वीकृत की गई है। इस पहल के तहत करीब 21.35 करोड़ रुपये की राशि विद्यार्थियों को वितरित की जाएगी। भविष्य में इस व्यवस्था का विस्तार ICAR की छात्रवृत्ति या फेलोशिप के लिए चयनित सभी पात्र विद्यार्थियों तक किया जाएगा।
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