Jammu Kashmir Map: भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में ‘इक्वल अर्थ प्रोजेक्शन’ वाले विश्व मानचित्र से जुड़े प्रस्ताव पर अपना रुख साफ कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने प्रस्ताव के पक्ष में वोट जरूर किया, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह नए नक्शे का समर्थन करता है। MEA ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख समेत भारत के संप्रभु क्षेत्रों को देश के आधिकारिक मानचित्र के मुताबिक ही दिखाया जाना चाहिए।
UN के प्रस्ताव में निष्पक्ष मानचित्रों के इस्तेमाल पर जोर
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दुनिया के क्षेत्रों को अधिक निष्पक्ष और वास्तविक अनुपात में दिखाने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी है। भारत ने इसी उद्देश्य के समर्थन में प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया है।
'प्रस्ताव किसी खास विश्व मानचित्र को मान्यता नहीं देता'
MEA प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि प्रस्ताव किसी विशेष विश्व मानचित्र को अपनाता या आधिकारिक मान्यता नहीं देता। इसमें अंतरराष्ट्रीय सीमाओं या विवादित क्षेत्रों जैसे राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा नहीं है। भारत ने प्रस्ताव के पक्ष में वोट करते हुए कहा कि वह ऐसे मानचित्रों का समर्थन करता है, जो दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों के वास्तविक आकार को अधिक निष्पक्ष तरीके से दर्शाते हैं।
'जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का चित्रण आधिकारिक नक्शे सा हो'
भारत ने स्पष्ट किया कि प्रस्ताव के पक्ष में वोट का मतलब किसी खास नक्शे या राष्ट्रीय सीमाओं के चित्रण का समर्थन नहीं है। MEA ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख समेत भारत के संप्रभु क्षेत्र आधिकारिक भारतीय मानचित्र के अनुसार ही दिखाए जाने चाहिए। मंत्रालय ने कहा कि भारत की सीमाओं या क्षेत्रों का कोई भी गलत या भ्रामक चित्रण स्वीकार्य नहीं है और संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता पर उसका रुख स्पष्ट और अडिग है।

