Teesta River Project: बांग्लादेश और चीन के बीच तीस्ता नदी परियोजना तथा चीन-बांग्लादेश-म्यांमार आर्थिक गलियारे (CBMEC) को लेकर बढ़ते सहयोग पर भारत ने सतर्क रुख अपनाया है। भारत ने कहा है कि वह अपने पड़ोस में होने वाले हर महत्वपूर्ण घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए है और राष्ट्रीय हितों के अनुरूप जरूरत पड़ने पर उचित कदम उठाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है, जब ढाका और बीजिंग के बीच रणनीतिक परियोजनाओं पर सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।
तीस्ता परियोजना और आर्थिक गलियारे पर बढ़ा सहयोग
पिछले महीने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की चीन यात्रा के दौरान दोनों देशों ने तीस्ता रिवर कॉम्प्रिहेंसिव मैनेजमेंट एंड रिस्टोरेशन प्रोजेक्ट पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके अलावा, चीन ने चीन-बांग्लादेश-म्यांमार आर्थिक गलियारा (CBMEC) परियोजना को आगे बढ़ाने की अपनी योजना भी सामने रखी, जिससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को नई गति मिलने के संकेत मिले हैं।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
इन घटनाक्रमों पर पूछे गए सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत अपने पड़ोसी देशों में होने वाली सभी महत्वपूर्ण गतिविधियों पर लगातार नजर रखता है। उन्होंने कहा कि भारत अपने पड़ोस में होने वाले हर अहम घटनाक्रम की करीबी निगरानी करता है और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यकता पड़ने पर उचित कदम भी उठाता है।
तीस्ता परियोजना पर पहले ही रख चुका है भारत अपना पक्ष
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि बांग्लादेश में भारत की ओर से चलाए जा रहे विकास सहयोग कार्यक्रम दोनों देशों के बीच आपसी सहमति से तय रोडमैप के तहत संचालित होते हैं और समय-समय पर उनकी समीक्षा भी की जाती है। उन्होंने बताया कि तीस्ता परियोजना को लेकर भारत पहले ही बांग्लादेश के सामने अपना पक्ष स्पष्ट कर चुका है। जायसवाल ने यह भी कहा कि इस परियोजना से जुड़े सभी नए घटनाक्रमों को भारत अपनी व्यापक नीति के तहत परखेगा और उसी के अनुरूप आगे की रणनीति तय करेगा। हालांकि, उन्होंने इस संबंध में अधिक जानकारी साझा नहीं की।

