Tuesday, Sep 01

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सिंधु जल संधि पर वर्ल्ड बैंक के फैसले को भारत ने ठुकराया, कहा- कोर्ट को कोई अधिकार नहीं

Indus Waters Treaty India: भारत ने सोमवार को हेग स्थित स्थायी पंचाट न्यायालय (Permanent Court of Arbitration) के उस फैसले को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि भारत द्वारा स्थगित की गई सिंधु जल संधि अब भी लागू है। भारत ने पंचाट को “अवैध रूप से गठित” बताते हुए कहा कि उसे भारत के संप्रभु फैसलों पर आदेश देने का कोई अधिकार नहीं है।

भारत ने संधि पर रुख दोहराया

विदेश मंत्रालय ने कहा कि सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का भारत का फैसला अभी भी प्रभावी है। पंचाट ने अपने आदेश में जम्मू-कश्मीर में एक जलविद्युत परियोजना पर भारत के काम को सीमित करने और पाकिस्तान के साथ संधि का पालन करने को कहा था। भारत ने पाकिस्तान की आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देने के चलते संधि को स्थगित किया है। भारत ने कहा कि उसने इस तथाकथित पंचाट को कभी कानूनी रूप से मान्यता नहीं दी और न ही उसकी कार्यवाही या पुराने फैसलों को स्वीकार किया है।

विश्व बैंक पर भी उठाए सवाल

सरकार के मुताबिक, पंचाट का गठन विश्व बैंक ने संधि की शर्तों का “स्पष्ट उल्लंघन” करते हुए किया। भारत ने कहा कि वह इस निकाय के सामने कभी पेश नहीं हुआ और उसके पिछले फैसलों को भी कोई महत्व नहीं दिया। भारत ने दोहराया कि पंचाट को भारत के संप्रभु निर्णयों, जिसमें देश में चल रही परियोजनाएं भी शामिल हैं, पर फैसला देने का अधिकार नहीं है। उसके मौजूदा या भविष्य के आदेशों का भारतीय परियोजनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भारत ने यह भी कहा कि पंचाट का गठन स्वयं सिंधु जल संधि का गंभीर उल्लंघन है और संधि को स्थगित रखने का उसका निर्णय प्रभावी रहेगा।

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