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भारत-अमेरिका व्यापार समझौता मौत का फरमान: आम आदमी पार्टी ने टैरिफ को लेकर केंद्र सरकार पर बोला हमला

India US trade deal: आम आदमी पार्टी (AAP) ने शनिवार को भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर कड़ा हमला करते हुए भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को किसानों और व्यापारियों के लिए हानिकारक करार दिया। पार्टी ने इसे सीधे तौर पर भारतीय हितों के खिलाफ बताते हुए इसे "मौत का फरमान" बताया। आम आदमी पार्टी ने कहा कि यह समझौता अमेरिका के पक्ष में है और भारतीय कृषि और व्यापार को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

ट्रंप के बयान पर उठाए सवाल

आप पार्टी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि कुछ नहीं बदलेगा, उन्हें शुल्क देना होगा और हमें शुल्क नहीं देना होगा। यह टिप्पणी अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद आई थी, जिसने ट्रंप द्वारा लगाए गए पारस्परिक टैरिफ को रद्द कर दिया। आप पार्टी ने कहा कि ट्रंप की यह टिप्पणी स्पष्ट रूप से बताती है कि समझौता भारतीय हितों के विपरीत है और केंद्र सरकार इसे जनता को सफलता के रूप में पेश कर रही है।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का निर्णय

संयुक्त राज्य अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप के वैश्विक टैरिफ को अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA, 1977) के तहत अमान्य करार दिया। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट के नेतृत्व में 6-3 के फैसले में यह स्पष्ट किया गया कि राष्ट्रपति को इस अधिनियम के तहत टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है। इसके बावजूद, ट्रंप ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में कोई बदलाव नहीं होगा और इसे "निष्पक्ष समझौता" बताया। उन्होंने कहा, "हम उन्हें टैरिफ नहीं दे रहे हैं, बल्कि वे टैरिफ दे रहे हैं। हमने थोड़ा सा फेरबदल किया है।"

मोदी सरकार पर AAP की तीखी प्रतिक्रिया

आप ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह व्यापार समझौते को एक कूटनीतिक जीत के रूप में पेश कर रही है, जबकि वास्तविकता में यह समझौता भारत के किसानों और व्यापारियों के लिए नुकसानदेह है। पार्टी ने कहा कि ट्रंप का यह बयान कि "भारत को शुल्क देना होगा, लेकिन अमेरिका को नहीं" सरकार द्वारा प्रचारित संतुलित समझौते के दावे के बिल्कुल विपरीत है।

आप के मुताबिक, इस समझौते के कारण भारतीय कृषि, छोटे और मध्यम व्यवसायों, और व्यापारियों को लंबी अवधि में गंभीर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। पार्टी ने इसे भारतीय हितों के खिलाफ और जनता को गुमराह करने वाला कदम करार दिया।

Yas Pal

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