Train Bedroll Theft Prevention: भारतीय रेलवे ट्रेनों में मिलने वाली चादर, तौलिया और कंबल की चोरी पर रोक लगाने के लिए नई तकनीक अपनाने की तैयारी कर रहा है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो रेलवे स्टेशनों पर ऐसे उपकरण लगाए जाएंगे जो ट्रेन से बाहर ले जाए जा रहे रेलवे के बेडरोल की पहचान कर सकेंगे। इससे चोरी की घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगाने की उम्मीद है।
कैसे करेगा नया सिस्टम काम
प्रस्तावित तकनीक के तहत रेलवे की चादर, तौलिया और कंबल में विशेष इलेक्ट्रॉनिक टैग लगाए जाएंगे। स्टेशन के निकास या तय स्थानों पर ऐसे स्कैनर लगाए जा सकते हैं, जो इन टैग को पहचान लेंगे। यदि कोई यात्री गलती से या जानबूझकर रेलवे का सामान अपने बैग में लेकर बाहर निकलने की कोशिश करेगा, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करेगा और हूटर बजने लगेगा।
चोरी से रेलवे को होता है बड़ा नुकसान
हर साल रेलवे को ट्रेनों से बेडरोल की चोरी के कारण लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। बड़ी संख्या में चादर, कंबल और तौलिये गायब हो जाते हैं, जिसके कारण रेलवे को बार-बार नई सामग्री खरीदनी पड़ती है। इसका असर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं और रेलवे के खर्च दोनों पर पड़ता है।
यात्रियों को भी मिलेगा फायदा
नई तकनीक लागू होने के बाद ट्रेनों में बेडरोल की उपलब्धता बेहतर होने की संभावना है। चोरी कम होने से साफ-सुथरी और पर्याप्त संख्या में चादर, कंबल और तौलिये उपलब्ध कराना आसान होगा। साथ ही रेलवे की परिचालन लागत में भी कमी आ सकती है।
तकनीक के इस्तेमाल पर चल रहा काम
रेलवे इस हाईटेक व्यवस्था के तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं पर काम कर रहा है। इसमें टैग की गुणवत्ता, स्कैनिंग सिस्टम, अलर्ट मैकेनिज्म और स्टेशनों पर आवश्यक उपकरण लगाने जैसे विषयों पर विचार किया जा रहा है। योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है।
ईमानदार यात्रियों को घबराने की जरूरत नहीं
यह प्रणाली केवल रेलवे की संपत्ति की पहचान के लिए होगी। इसका उद्देश्य यात्रियों को परेशान करना नहीं, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यदि किसी यात्री के पास गलती से रेलवे का सामान चला जाता है, तो स्टेशन पर अलर्ट के जरिए उसे वापस जमा कराया जा सकेगा।
भारतीय रेलवे लगातार यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहा है। बेडरोल चोरी रोकने के लिए प्रस्तावित हाईटेक सिस्टम भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि यह योजना सफल रहती है, तो ट्रेनों में चोरी की घटनाएं कम होंगी और यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
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