Iran Israel conflict: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच गुरुवार तड़के ईरान ने इज़राइल की ओर खोर्रमशहर-4 नाम की भारी बैलिस्टिक मिसाइल दागी। बताया जा रहा है कि इस मिसाइल में करीब एक टन का वारहेड लगा होता है और इसकी मारक क्षमता लगभग 2,000 किलोमीटर तक मानी जाती है। यह हमला ऐसे समय हुआ जब अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरानी शासन से जुड़े ठिकानों पर हमले किए जाने के बाद क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। आपको बता दें कि ईरान-इजराइल और अमेरिका संघर्ष में अब तक 1230 ईरानी नागरिकों की जान जा चुकी है।
पश्चिम एशिया में संघर्ष लगातार छठे दिन भी जारी रहा। गुरुवार सुबह ईरान ने इज़राइल की ओर कई मिसाइलें दागीं, जिसके बाद तेल अवीव और यरुशलम में हवाई हमले के सायरन बजने लगे। इससे पहले इज़राइली सेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाकों में ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले करने की घोषणा की थी।
इस बीच खबर आई कि एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरान के एक युद्धपोत को निशाना बनाकर डुबो दिया। इसके बाद तेहरान ने चेतावनी दी कि यदि संघर्ष और बढ़ता है तो पूरे क्षेत्र के सैन्य और आर्थिक ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
संघर्ष में तेजी तब आई जब अमेरिका और इज़राइल ने शनिवार को ईरान के सैन्य ढांचे, मिसाइल भंडार और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हमले शुरू किए। इन हमलों के बाद क्षेत्रीय तनाव और अधिक बढ़ गया। बुधवार को किए गए हमले इतने तीव्र बताए गए कि ईरानी सरकारी टेलीविजन ने यह घोषणा की कि संघर्ष की शुरुआत में मारे गए देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए प्रस्तावित शोक समारोह को फिलहाल स्थगित किया जाएगा।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अमेरिकी सेना की सराहना करते हुए कहा कि युद्ध के मोर्चे पर सैनिकों का प्रदर्शन “उत्कृष्ट” रहा है। वहीं अमेरिकी सीनेट में रिपब्लिकन सांसदों ने युद्ध रोकने से जुड़े प्रस्ताव को खारिज करते हुए प्रशासन के फैसले का समर्थन किया।
जैसे-जैसे संघर्ष तेज होता जा रहा है, वैसे-वैसे पूरे मध्य पूर्व में सुरक्षा चिंताएं भी बढ़ गई हैं। ईरान ने बहरीन, कुवैत और इज़राइल की दिशा में भी मिसाइलें दागने की बात कही है। तुर्की ने बताया कि नाटो की रक्षा प्रणाली ने ईरान से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को उसके हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही रोक दिया।
कतर में भी एहतियातन कदम उठाए गए हैं। वहां के अधिकारियों के अनुसार दोहा के पास स्थित अमेरिकी दूतावास ने आसपास के निवासियों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
संघर्ष का असर अब समुद्री व्यापार पर भी दिखाई देने लगा है। कुवैत के तट के पास एक टैंकर पर हमले की आशंका जताई गई है। ब्रिटेन द्वारा संचालित यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने बताया कि जहाज पर हमला होने के संकेत मिले हैं, हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इससे पहले ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में भी समुद्री हमलों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। यह वही क्षेत्र है जहां से दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल परिवहन होता है।
अधिकारियों के अनुसार इस युद्ध में अब तक ईरान में 1,000 से अधिक, लेबनान में 70 से ज्यादा और इज़राइल में करीब एक दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार बढ़ते हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग प्रभावित हुए हैं और कई देशों के यात्रियों को मध्य पूर्व में फंसे रहने की खबरें भी सामने आई हैं। पूर्व में फंसे रहने की खबरें भी सामने आई हैं।
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