नोएडा

ग्रेटर नौएडा में अवैध विज्ञापन पोल का खेल, करोड़ों का अवैध विज्ञापन रैकेट का जिम्मेदार कौन?

Greater Noida illegal hoardings: ग्रेटर नोएडा की प्राइम लोकेशन में लगे अवैध विज्ञापन पोलों ने आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर दिया है। प्राधिकरण की कथित मिलीभगत के चलते प्राइवेट कंपनियों ने नियमों की अनदेखी करते हुए घरों के बीचोंबीच बड़े-बड़े लोहे के पोल खड़े कर दिए हैं। इससे राहगीरों, यात्रियों और स्थानीय लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

बिसरख थाना क्षेत्र में अवैध होर्डिंग्स

जानकारी के अनुसार, बिसरख थाना क्षेत्र के चिपयाना गांव में प्राइवेट कंपनियों ने बड़े पैमाने पर अवैध होर्डिंग्स और विज्ञापन पोल लगाए हैं। यह इलाका ग्रेटर नोएडा के प्रमुख और व्यस्त स्थानों में गिना जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्राधिकरण की उपेक्षा और नाकारी से करोड़ों रुपये के अवैध होर्डिंग्स लगाए जा रहे हैं। इस कारण सामान्य नागरिकों को रोजमर्रा की जिंदगी में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सुरक्षा खतरे बढ़े

इन अवैध पोलों और होर्डिंग्स के कारण बुजुर्ग, बच्चे और राहगीर सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। नियमों को ताक पर रखकर लगाए गए ये विज्ञापन पोल न केवल गड़बड़ी पैदा कर रहे हैं, बल्कि कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि घरों के बीचोंबीच भारी भरकम होर्डिंग्स पोल खड़े कर दिए गए हैं, जिससे कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

स्थानीय लोगों ने क्या कहा?

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के कर्मचारियों पर स्थानीय लोगों ने मिलीभगत का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्राधिकरण की नींद खुलने तक प्राइवेट कंपनियां नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रही हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या प्राधिकरण बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है या फिर जल्द ही इस पर कोई कार्रवाई की जाएगी।

चिपयाना गांव के निवासियों का कहना है कि प्राइवेट कंपनियों द्वारा नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने से उनका जीवन प्रभावित हो रहा है। घरों और व्यस्त सड़कों पर बड़े-बड़े पोल खड़े होने से न केवल सड़क पर बाधा पैदा होती है बल्कि इससे आसपास के क्षेत्रों की सुंदरता और साफ-सफाई भी प्रभावित हो रही है।

कार्रवाई का इंतजार

स्थानीय लोग ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। उनका कहना है कि नियमों की अवहेलना और अवैध निर्माण को रोकने के लिए प्राधिकरण को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई कदम नहीं उठाया गया, तो यह गंभीर हादसों का कारण बन सकता है।

अब सवाल यह उठ रहा है कि ग्रेटर नौएडा प्राधिकरण की नींद कब खुलेगी? क्या प्राधिकरण किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और जिम्मेदारी चुप हैं। अब देखना होगा कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इस पर कब करेगा कार्रवाई ?

Yas Pal

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