Iran Secret Nuclear Material: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बार फिर नई बहस शुरू हो गई है। इजरायली खुफिया एजेंसियों की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े हजारों यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) सेंट्रीफ्यूज और अन्य संवेदनशील सामग्री को नतांज परमाणु केंद्र के पास स्थित पिकएक्स (Pickaxe) पर्वतीय क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और ईरान ने भी इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
युद्ध के बाद बदली गई रणनीति
रिपोर्ट के अनुसार, जून 2025 में हुए संघर्ष के दौरान ईरान की तीन प्रमुख परमाणु साइटों को नुकसान पहुंचने के बाद तेहरान ने अपने महत्वपूर्ण उपकरणों को अधिक सुरक्षित स्थान पर ले जाने की रणनीति अपनाई। दावा किया गया है कि यह सामग्री सैकड़ों फीट ऊंची चट्टानों के भीतर बने भूमिगत हिस्से में रखी गई है, ताकि किसी संभावित हवाई हमले से इसे बचाया जा सके।
IAEA को नहीं मिली पहुंच
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस कथित नई साइट तक अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को अब तक पहुंच नहीं दी गई है। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए यह चिंता का विषय हो सकता है, क्योंकि परमाणु गतिविधियों की पारदर्शिता को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।
क्या यहां हो रहा है यूरेनियम एनरिचमेंट
हालांकि इजरायली रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल सेंट्रीफ्यूज को किसी पहाड़ी क्षेत्र में रखना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है कि वहां यूरेनियम संवर्धन का काम चल रहा है। यह भी संभव है कि ईरान ने इन उपकरणों को केवल सुरक्षा कारणों से वहां स्थानांतरित किया हो। इसलिए इस दावे को फिलहाल अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता।
ट्रंप के बयान और इजरायल की चिंता
रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त रुख अपनाने की बात कर चुके हैं। वहीं इजरायल लगातार यह कहता रहा है कि यदि ईरान का परमाणु कार्यक्रम आगे बढ़ता है तो इससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। ऐसे में यह नया दावा पश्चिम एशिया की राजनीतिक और सुरक्षा स्थिति को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे सकता है।
फिलहाल इस मामले में न तो IAEA की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि की गई है और न ही ईरान ने इन आरोपों को स्वीकार किया है। ऐसे में आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की प्रतिक्रिया और संभावित जांच इस पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट कर सकती है। तब तक इस रिपोर्ट को इजरायली खुफिया एजेंसियों के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
ये भी पढ़ें: https://newsindia24x7.tv/trump-slams-zohran-mamdani-over-netanyahu-arrest-remark/

