Strait of Hormuz News: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान का कड़ा रुख एक बार फिर वैश्विक चिंता का विषय बन गया है। आईआरजीसी ने साफ संकेत दिए हैं कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले सभी जहाजों को ईरान द्वारा निर्धारित मार्गों का पालन करना होगा और यात्रा के दौरान ईरानी नौसेना के साथ समन्वय बनाए रखना अनिवार्य होगा। इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय तेल व्यापार और समुद्री सुरक्षा पर असर पड़ने की आशंका और गहरी हो गई है।
होर्मुज पर ईरान का कड़ा रुख
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसकी मंजूरी के बिना कोई नया समुद्री मार्ग लागू करना स्वीकार्य नहीं होगा और यह स्थिति खतरनाक भी साबित हो सकती है। ईरान के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों और वैश्विक तेल बाजार की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति का सबसे अहम और संवेदनशील समुद्री मार्ग माना जाता है।
होर्मुज जलमार्ग पर बढ़ता तनाव और वैश्विक चिंता
दरअसल, दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों का कच्चा तेल इसी समुद्री मार्ग से होकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है। ऐसे में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी भी तरह की सख्ती या तनाव का सीधा असर वैश्विक तेल कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है। इस बीच अमेरिका ने अपने सहयोगी खाड़ी देशों को भरोसा दिलाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो इन दिनों UAE और कुवैत के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका ऐसे किसी कदम का समर्थन नहीं करेगा जिससे उसके पुराने क्षेत्रीय साझेदारों की सुरक्षा प्रभावित हो।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का बड़ा फैसला
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान के कड़े रुख ने अंतरराष्ट्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है। ईरान का कहना है कि उसकी मंजूरी के बिना कोई नया समुद्री मार्ग लागू करना न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि यह खतरनाक भी साबित हो सकता है। इस बयान के बाद वैश्विक शिपिंग कंपनियों और तेल बाजार में चिंता गहराती जा रही है, क्योंकि यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा आपूर्ति मार्गों में से एक है।

