US Attack on Larak Island: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी सेना ने ईरान के लाराक द्वीप पर दो सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, जुलाई के बाद ईरान पर अमेरिका का यह पहला ज्ञात हमला है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी सेना ने यह कार्रवाई होर्मुज़ स्ट्रेट में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की गतिविधियों के इनपुट के बाद की।
अमेरिकी हमले के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई
अमेरिकी हमले के बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। IRGC ने कहा कि रविवार के हमले में कई लोग मारे गए और घायल हुए हैं और इसके लिए अमेरिका को ‘जवाबी कार्रवाई और सजा’ दी जाएगी। इसके कुछ ही देर बाद ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया कि IRGC ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। वहीं, जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने देश के ऊपर दागी गई आठ मिसाइलों को मार गिराया है। इस दावे पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
जॉर्डन ने 8 मिसाइलें रोकने का दावा किया
जॉर्डन की सशस्त्र सेनाओं ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने सोमवार तड़के देश के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई आठ मिसाइलों को रोक दिया। सरकारी समाचार एजेंसी पेट्रा ने सेना के प्रवक्ता के हवाले से यह जानकारी दी। वहीं, जुलाई के अंत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान रोकने का ऐलान किया था। इसके बाद लाराक द्वीप पर अमेरिकी हमला ईरान के खिलाफ अमेरिका की पहली ज्ञात सैन्य कार्रवाई बताई जा रही है।

