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पुरी के प्रसिद्ध ‘आमलु’ की आसान रेसिपी, घर पर बनाएं भगवान जगन्नाथ का प्रिय भोग

Jagannath Malpua Recipe: ओडिशा के पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर की पहचान केवल रथ यात्रा या प्राचीन परंपराओं से ही नहीं, बल्कि यहां चढ़ाए जाने वाले महाप्रसाद से भी है। भगवान जगन्नाथ को प्रतिदिन विभिन्न प्रकार के व्यंजन अर्पित किए जाते हैं, जिन्हें छप्पन भोग के नाम से जाना जाता है। इन्हीं भोगों में एक विशेष व्यंजन है गुड़ का मालपुआ, जिसे ओडिशा में 'आमलु' कहा जाता है। इसका स्वाद साधारण मालपुए से अलग होता है क्योंकि इसमें चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल किया जाता है। यही वजह है कि इसका स्वाद अधिक पारंपरिक और प्राकृतिक मिठास से भरपूर होता है।

क्या है आमलु की खासियत

आमलु भगवान जगन्नाथ के प्रिय भोगों में माना जाता है। इसे पारंपरिक तरीके से तैयार किया जाता है और इसमें ऐसे मसालों का उपयोग किया जाता है जो स्वाद के साथ सुगंध भी बढ़ाते हैं।
गुड़ से बनने के कारण यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सामान्य चीनी वाले मालपुए की तुलना में अलग स्वाद देता है। त्योहारों, पूजा और विशेष अवसरों पर इसे कई घरों में भी बनाया जाता है।

गुड़ का मालपुआ बनाने के लिए सामग्री
1 कप गेहूं का आटा
½ कप मैदा (इच्छानुसार)
¾ कप कद्दूकस किया हुआ गुड़
½ कप दूध
¼ कप पानी
2 बड़े चम्मच सौंफ
2–3 छोटी इलायची का पाउडर
1 बड़ा चम्मच कसा हुआ नारियल (वैकल्पिक)
घी या तेल तलने के लिए
बनाने की आसान विधि

सबसे पहले गुड़ को गुनगुने पानी में घोल लें और छानकर अलग रख दें, ताकि उसमें मौजूद अशुद्धियां निकल जाएं। अब एक बड़े बर्तन में आटा, मैदा, सौंफ, इलायची पाउडर और नारियल डालकर अच्छी तरह मिला लें। इसमें धीरे-धीरे गुड़ का घोल और दूध मिलाते हुए गाढ़ा लेकिन बहने लायक घोल तैयार करें। घोल को लगभग 20 से 30 मिनट तक ढककर रख दें। इससे मालपुआ नरम और स्वादिष्ट बनता है। इसके बाद कड़ाही में घी या तेल गर्म करें। एक करछी घोल डालें और दोनों तरफ से सुनहरा होने तक तलें।

तैयार मालपुए को निकालकर हल्का ठंडा होने दें और फिर भगवान जगन्नाथ को भोग लगाएं।

स्वाद बढ़ाने के लिए अपनाएं ये टिप्स
गुड़ हमेशा अच्छी गुणवत्ता का इस्तेमाल करें।
घोल को बहुत पतला न रखें।
घी में तलने से स्वाद अधिक पारंपरिक और सुगंधित बनता है।
चाहें तो ऊपर से कटे हुए मेवे डालकर भी परोस सकते हैं, लेकिन भोग के लिए पारंपरिक विधि का पालन करना बेहतर माना जाता है।


महाप्रसाद का धार्मिक महत्व

पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर में तैयार होने वाला महाप्रसाद श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि भगवान को अर्पित होने के बाद यह प्रसाद सभी भक्तों के लिए समान रूप से शुभ और मंगलकारी होता है। आमलु भी इसी महाप्रसाद का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और सदियों से पारंपरिक विधि से तैयार किया जाता रहा है।

यदि आप घर पर भगवान जगन्नाथ के लिए पारंपरिक भोग बनाना चाहते हैं, तो गुड़ का मालपुआ एक बेहतरीन विकल्प है। इसकी सरल रेसिपी, प्राकृतिक मिठास और पारंपरिक स्वाद इसे खास बनाते हैं। पूजा, त्योहार या किसी शुभ अवसर पर इस रेसिपी को बनाकर आप ओडिशा की समृद्ध धार्मिक और पाक परंपरा का आनंद ले सकते हैं।

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