जयपुर में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ ऐसी घटना हुई, जिसने किसी फिल्मी कहानी की याद दिला दी। सेंट्रल पार्क में मॉर्निंग वॉक के बाद अपनी मर्सिडीज से निकले CA राजीव गुप्ता को दो नकाबपोश बदमाशों ने हथियारों के बल पर अगवा कर लिया। बदमाशों ने उनकी कनपटी पर पिस्टल तान दी और गर्दन पर चाकू रखकर कार पर कब्जा कर लिया।
राजीव गुप्ता के लिए इसके बाद का सफर बेहद खौफनाक रहा। बदमाशों को मर्सिडीज चलाना ठीक से नहीं आता था। ऐसे में उन्होंने राजीव से ही कार के गियर और दूसरे कंट्रोल के बारे में जानकारी ली। हथियारों के डर के बीच राजीव को उन्हें गाड़ी चलाने में मदद करनी पड़ी।
हथियारों के दम पर बनाया बंधक
मामला उस वक्त शुरू हुआ जब राजीव गुप्ता सेंट्रल पार्क में मॉर्निंग वॉक के बाद अपनी कार के पास पहुंचे। इसी दौरान दो नकाबपोश युवक वहां पहुंचे और उन्हें धमकाते हुए कार में बंधक बना लिया।
एक आरोपी ने पिस्टल दिखाई, जबकि दूसरे ने चाकू का इस्तेमाल कर उन्हें डराया। इसके बाद दोनों ने कार को अपने कब्जे में ले लिया और जयपुर से दिल्ली रोड की तरफ निकल पड़े।
राजीव ने तीन बार कार से निकलने की कोशिश की
राजीव गुप्ता ने हार नहीं मानी। उन्होंने चलती मर्सिडीज से बाहर निकलकर अपनी जान बचाने की तीन बार कोशिश की। हालांकि हर बार बदमाशों ने उन्हें पकड़ लिया।
कभी पिस्टल दिखाकर तो कभी चाकू की धमकी देकर उन्हें वापस कार में खींच लिया गया। इस दौरान कार तेज रफ्तार से सड़क पर दौड़ती रही और उसके अंदर राजीव और बदमाशों के बीच संघर्ष होता रहा।
तेज रफ्तार कार से सड़क पर मची अफरा-तफरी
कार के अंदर चल रही खींचतान का असर सड़क पर भी दिखाई दिया। मर्सिडीज कई बार नियंत्रण से बाहर हुई और बाइक सवारों व राहगीरों को टक्कर लगने की बात सामने आई।
इससे सड़क पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों को लगा कि कोई चालक बेकाबू तरीके से कार चला रहा है। कुछ लोगों ने मर्सिडीज का पीछा भी शुरू कर दिया।
कुछ ही देर बाद कार पलटती हुई सड़क किनारे एक गहरे नाले में जा गिरी।
बदमाश भागे, लेकिन CA को ही पकड़ लिया लोगों ने
हादसे के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। दूसरी तरफ राजीव गुप्ता किसी तरह क्षतिग्रस्त कार से बाहर निकल आए।
लेकिन यहां उनकी मुश्किल खत्म नहीं हुई। कार का पीछा कर रही भीड़ ने उन्हें ही संदिग्ध समझ लिया। लोगों को लगा कि वही कार चला रहे थे और हादसे के लिए भी वही जिम्मेदार हैं।
इसके बाद कुछ लोगों ने राजीव के साथ मारपीट शुरू कर दी। वह लगातार खुद को पीड़ित बताते रहे और समझाने की कोशिश करते रहे कि उन्हें बदमाशों ने अगवा किया था। लेकिन उस वक्त भीड़ उनकी बात सुनने को तैयार नहीं थी।
पुलिस ने पहुंचकर बचाया, कार से मिले हथियार
घटना की सूचना मिलने के बाद आमेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने राजीव गुप्ता को भीड़ से सुरक्षित निकाला और मामले की जांच शुरू की।
नाले में गिरी मर्सिडीज को क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया। पुलिस की तलाशी में कार से एक नकली पिस्टल और धारदार चाकू बरामद हुआ। जांच में सामने आया कि पिस्टल नकली थी, जबकि चाकू असली बताया जा रहा है।
CCTV फुटेज से बदमाशों की तलाश
पुलिस अब सेंट्रल पार्क से लेकर दिल्ली रोड तक लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों आरोपी कौन थे, उन्होंने राजीव को क्यों निशाना बनाया और हादसे के बाद किस रास्ते से फरार हुए।
फिलहाल पुलिस फरार दोनों आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रही है।

