होम = टेक = 22 साल की उम्र में अरबपति बना भारतीय GenZ, Zepto ऐप ने बदल दी किस्मत

22 साल की उम्र में अरबपति बना भारतीय GenZ, Zepto ऐप ने बदल दी किस्मत

Kaivalya Vohra: भारत में स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी की दुनिया तेजी से बदल रही है। अब देश के सबसे सफल युवा उद्यमियों की सूची में पारंपरिक कारोबारी परिवारों के साथ-साथ नई पीढ़ी के स्टार्टअप फाउंडर्स भी जगह बना रहे हैं। इसी बदलाव की बड़ी मिसाल हैं कैवल्य वोहरा, जिन्होंने कम उम्र में ही टेक की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। क्विक कॉमर्स कंपनी Zepto के को-फाउंडर कैवल्य वोहरा को भारत के सबसे युवा टेक अरबपतियों में गिना जाता है। उनकी सफलता की कहानी यह दिखाती है कि सही समय पर सही आइडिया और मेहनत के दम पर युवा भी बड़े कारोबार खड़े कर सकते हैं।

कोविड काल में आया डिलीवरी का आइडिया

कैवल्य वोहरा और उनके बिजनेस पार्टनर आदित पालिचा ने उस समय एक नए विचार पर काम शुरू किया, जब कोरोना महामारी के दौरान लोगों को घर से बाहर निकलने में परेशानी हो रही थी। उस दौर में घर तक जरूरी सामान पहुंचाने की जरूरत तेजी से बढ़ी। दोनों ने शुरुआत में WhatsApp के जरिए किराना सामान पहुंचाने का काम शुरू किया। लोगों की जरूरत और बाजार की मांग को समझते हुए उन्होंने इस छोटे से आइडिया को बड़े स्तर पर विकसित किया। बाद में इसी सोच ने Zepto का रूप लिया, जिसने कुछ ही समय में क्विक कॉमर्स सेक्टर में अपनी मजबूत पहचान बना ली।

Zepto ने बदला ऑनलाइन खरीदारी का तरीका

Zepto ने ग्राहकों को कम समय में किराना और जरूरी सामान पहुंचाने का मॉडल दिया। कंपनी ने तेज डिलीवरी और तकनीक के इस्तेमाल के जरिए ऑनलाइन ग्रॉसरी मार्केट में अपनी जगह बनाई। आज क्विक कॉमर्स भारत के तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में शामिल है, जहां कई बड़ी कंपनियां प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। Zepto की सफलता ने यह साबित किया कि युवा उद्यमी भी नए बिजनेस मॉडल के जरिए बड़े बदलाव ला सकते हैं।

नई पीढ़ी के उद्यमियों का बढ़ता प्रभाव

कुछ साल पहले तक भारत के सबसे अमीर लोगों की सूची में मुख्य रूप से पुराने कारोबारी घरानों के नाम शामिल होते थे। लेकिन अब स्टार्टअप संस्कृति के बढ़ने के साथ यह तस्वीर बदल रही है। टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), फिनटेक और डिजिटल बिजनेस से जुड़े युवा उद्यमी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। कैवल्य वोहरा इसी नई पीढ़ी के प्रतिनिधि माने जा रहे हैं।

AI और फिनटेक का बढ़ रहा दौर

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत में AI, फिनटेक और टेक्नोलॉजी आधारित कंपनियों का प्रभाव और बढ़ेगा। नई पीढ़ी के युवा अपनी तकनीकी समझ और नए विचारों के जरिए बिजनेस की दुनिया में नए अवसर बना रहे हैं। फोर्ब्स जैसी संस्थाओं की सूचियों में भी अब युवा स्टार्टअप संस्थापकों की मौजूदगी बढ़ रही है, जो भारत के बदलते आर्थिक माहौल को दर्शाती है।

कैवल्य वोहरा की कहानी युवा उद्यमियों के लिए प्रेरणा है। एक छोटे से आइडिया से शुरू हुआ सफर आज बड़े स्टार्टअप तक पहुंच चुका है। Zepto की सफलता बताती है कि टेक्नोलॉजी और सही रणनीति के साथ युवा भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना सकते हैं।

ये भी पढ़ें: https://newsindia24x7.tv/assembly-byelection-voting-percentage-bankipur-manjalpur-datia/