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‘Gen Z ने देश के लिए आपसे ज्यादा किया’, CJP का कंगना रनौत पर पलटवार

by | Jul 28, 2026 | Breaking, News Big

Kangana Ranaut Generation Gutter Remark: कंगना रनौत के ‘जेनरेशन गटर’ वाले बयान पर Cockroach Janta Party (CJP) ने पलटवार किया है। CJP ने BJP सांसद पर निशाना साधते हुए कहा कि उनमें गंभीरता की कमी है और उनकी अपनी पार्टी के लोग भी उन्हें गंभीरता से नहीं लेते।

क्या बोली थीं कंगना?

हिमाचल प्रदेश की मंडी से सांसद कंगना ने सोमवार को इंस्टाग्राम पोस्ट में जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में CJP के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों की भाषा को ‘घिनौना’ और ‘भद्दा’ बताया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की परवरिश पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे खुद को ‘कॉकरोच’ कहते हैं और उसी तरह व्यवहार भी करते हैं। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल महिलाओं पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे ड्रग्स और शराब को लेकर अपनी आजादी का प्रदर्शन करती हैं और माता-पिता की कमाई पर निर्भर रहती हैं। कंगना ने उन्हें ‘जेनरेशन गटर’ बताते हुए कहा कि कुछ लोगों के पास व्यवस्था को देने के लिए कुछ नहीं है और वे पढ़ाई में भी अच्छे नहीं हैं।

बयान पर राजनीतिक नेताओं ने नाराजगी जताई और कंगना से माफी मांगने को कहा। कुछ ने यह भी सवाल उठाया कि क्या उन्हें NEET का पूरा नाम तक पता है, जिसका पेपर लीक CJP के प्रदर्शन की प्रमुख वजहों में रहा।

CJP का जवाब

मंगलवार को CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि कंगना को उनकी अपनी पार्टी में भी गंभीरता से नहीं लिया जाता, इसलिए नई पीढ़ी उनकी बातों पर ध्यान क्यों देगी। उन्होंने कंगना के एक पुराने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने सांसद बनने को कम काम वाला पद समझा था, लेकिन बाद में इसकी जिम्मेदारियों को कठिन बताया। दास ने कहा कि कंगना जिस पीढ़ी को ‘गैर-गंभीर’ कह रही हैं, उन्होंने खुद अपनी गंभीरता की कमी उजागर की है।

दास ने कंगना की भाषा को अनुचित बताते हुए नेताओं से अपनी भाषा पर नियंत्रण रखने और पद की गरिमा बनाए रखने को कहा। उन्होंने कहा कि Gen Z ने देश के लिए कंगना से कहीं ज्यादा किया है और लोकतंत्र में लोगों का भरोसा बहाल करने का काम भी किया है।

CJP का आंदोलन

CJP ने 20 जून से जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन शुरू किया था। उसकी प्रमुख मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शामिल था। 20 जुलाई के ‘संसद मार्च’ में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पेलेट गन के इस्तेमाल का आरोप लगा। इस दौरान 118 से अधिक पुलिसकर्मी भी घायल हुए, जिनमें कुछ पर प्रदर्शनकारियों द्वारा हमला किए जाने की बात कही गई।

केंद्र और CJP के बीच दो दौर की बातचीत के बाद प्रधान ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया। इसके कुछ घंटे बाद CJP ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। संगठन को आश्वासन दिया गया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई नहीं होगी और NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा।

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