Ketan Murder Mystery: केतन अग्रवाल मौत मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। कोर्ट ने गिरफ्तार आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को सात दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। इस बीच, मामले को लेकर दोनों पक्षों के दावे आमने-सामने हैं। बचाव पक्ष जहां इसे हादसा बता रहा है, वहीं पीड़ित परिवार का आरोप है कि केतन की हत्या सुनियोजित साजिश के तहत की गई।
कोर्ट में बचाव पक्ष ने रखा अपना पक्ष
आरोपी चेतन चौधरी के वकील राम सहाने ने दावा किया कि इस मामले में सिया गोयल मुख्य आरोपी हैं, जिनकी शिकायतकर्ता के बेटे के साथ शादी होने वाली थी। वकील के मुताबिक, दोनों लोहागढ़ घूमने गए थे, जहां केतन अग्रवाल की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि अभियोजन पक्ष इस घटना के लिए सिया गोयल और चेतन चौधरी को जिम्मेदार ठहरा रहा है, जबकि बचाव पक्ष इसे एक दुर्घटनावश हुई मौत मानता है। सहाने ने यह भी कहा कि शुरुआती जांच में पुलिस ने इस मामले को दुर्घटना माना था, लेकिन बाद में इसे हत्या के केस में बदल दिया गय
'केतन की मौत नहीं, सुनियोजित हत्या हुई'
वहीं, पीड़ित परिवार ने इस मामले को एक सुनियोजित हत्या करार दिया है। केतन अग्रवाल के चाचा दिनेश अग्रवाल का आरोप है कि यह कोई साधारण हादसा नहीं, बल्कि पहले से रची गई साजिश का हिस्सा था। उनका कहना है कि घटना के बाद परिवार को कई संदिग्ध बातें नजर आईं, जिसके चलते उन्होंने जांच की मांग की। दिनेश अग्रवाल ने दावा किया कि पुलिस और विभागीय जांच में भी कई ऐसी परिस्थितियां सामने आईं, जो इस ओर इशारा करती हैं कि पूरी वारदात पहले से योजनाबद्ध थी और केतन को नुकसान पहुंचाने के इरादे से ही वहां ले जाया गया था।
पीड़ित परिवार ने फांसी देने की मांग की
दिनेश अग्रवाल ने बताया कि केतन की सिया गोयल के साथ सगाई हो चुकी थी और परिवार के मुताबिक दोनों के रिश्ते सामान्य थे। उन्होंने कहा कि अब तक की जांच में दो लोगों के नाम सामने आए हैं और पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिलना चाहिए। साथ ही, परिवार का कहना है कि यदि आरोप साबित होते हैं तो इस घटना में शामिल सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा, यहां तक कि फांसी की सजा दी जानी चाहिए।

