Pune Murder Case: केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी की पुलिस हिरासत तीन दिन और बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसे खारिज करते हुए दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
कोड वर्ड्स की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस
जांच अधिकारी मनोज पवार के अनुसार, पूछताछ के दौरान चेतन से घटनाक्रम को लेकर आमने-सामने सवाल किए गए, जबकि सिया से उसके पासपोर्ट और अन्य पहलुओं पर पूछताछ हुई। इसी बीच गुरुवार को सिया का दूसरा मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। इससे पहले दोनों आरोपियों का एक-एक मोबाइल पुलिस के कब्जे में था।
डिजिटल जांच में पता चला है कि सिया और चेतन आपसी बातचीत में कोड वर्ड्स का इस्तेमाल करते थे। पुलिस अब दूसरे मोबाइल की फॉरेंसिक जांच के जरिए इन शब्दों का अर्थ, उनका उद्देश्य और हत्या की कथित साजिश से उनके संबंध का पता लगाने में जुटी है। सरकारी पक्ष का कहना था कि इन कोड वर्ड्स का सही मतलब केवल दोनों आरोपी ही बता सकते हैं, इसलिए आमने-सामने पूछताछ जरूरी थी।
रिहर्सल स्थल पर कराया सीन री-क्रिएट
गुरुवार सुबह पुलिस सिया को पुणे के लुल्लानगर स्थित उस जगह भी लेकर गई, जहां उसने और चेतन ने कथित तौर पर लोहागढ़ किले से केतन अग्रवाल को धक्का देने की रिहर्सल की थी। पुलिस का दावा है कि दोनों ने मई में हत्या की योजना को अंजाम देने से पहले वहां अभ्यास किया था और सिया ने मौके की पहचान भी की।
जांच के दौरान पुलिस ने सिया के घर से घटना वाले दिन पहने गए कथित कपड़े भी बरामद किए हैं। इसके अलावा दोनों आरोपियों के पॉलीग्राफ टेस्ट की अनुमति के लिए अदालत में आवेदन दिया गया है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों की जांच जारी है। शुरुआती जांच के मुताबिक, प्रेम संबंध में बाधा बनने के कारण केतन अग्रवाल की कथित तौर पर हत्या की गई।
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